वायस औफ़ अमेरिका  ▪ Hindi
हमें सुने, सब कुछ जानें

केवल आलेख
खोजने के लिए यहां क्लिक करें

 
Editorials - The following is an Editorial Reflecting the Views of the US Government
बाल विवाह और मानवाधिकार
17/01/2008

राष्ट्र संघ बाल निधि कोष या यूनीसेफ के अनुसार, विकासशील देशों में 20 से 24 वर्ष के बीच की 6.5 करोड़ महिलाओं का विवाह 18 साल की होने से पहले ही हो गया था । इनमें से 30 करोड़ महिलाएं दक्षिण एशिया में रहती हैं । यूनीसेफ के अधिकारियों का कहना है कि बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों में विवाहित महिलाओं में से आधी से अधिक का विवाह उनके 18वें जन्म दिन से पहले ही हो गया था ।  

यूनीसेफ की "2007 की तस्वीर" में मोहम्मद नामक एक 40 वर्षीय अफगान पुरुष को अपनी नई दुल्हन, 11 वर्षीय गुलाम के साथ बैठे दिखाया गया है । शादी का कारण ?  गुलाम के माता-पिता ने कहा कि "हमें पैसे की जरूरत थी ।" बाल विवाह के बारे में यूनीसेफ की तथ्यपरक रिपोर्ट के अनुसार, "अभिभावक अपनी बेटियों का विवाह कई कारणों से जल्दी कर देते हैं । गरीब परिवार अपनी लड़की को आर्थिक बोझ और उसकी शादी को अपने परिवार को जीवित रखने के लिए जरूरी समझते हैं ।"

जबरन बाल विवाह के कारण होने वाला शारिरिक और भावनात्मक नुकसान घातक हो सकता है । हेरात प्रांत की एक अफगान लड़की, तोरपेके की शादी 19 साल की उम्र में कर दी गई थी । उसने रेडियो फ्री अफगानिस्तान को बताया कि अपनी शादी से हुई निराशा और अपने ससुराल वालों से मिले व्यवहार ने उसे आत्महत्या की कोशिश करने पर मजबूर कर दिया था । उसने बताया, "मैंने खुद को आग लगाने का फैसला कर लिया था ।


अमरीकी सांसद बेट्टी मैककोलम अमेरिकी कांग्रेस में मिनेसोटा राज्य के चौथे जिले का प्रतिनिधित्व करती हैं । उन्होंने बाल विवाह पर रोक लगाने के अमेरिकी प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए एक विधेयक पेश किया है । उनका कहना है कि बाल विवाह मानवाधिकार का हनन    है ।

"यह जबरन बलात्कार है । यह छोटी लड़कियों के स्वास्थ्य का मामला है । महिलाएं आपको बताएंगी कि बलात्कार हिंसक काम है । क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आप 10, 11, 12 साल की लड़की हैं, जिससे जबरन बलात्कार किया जाता है? इससे उस बच्ची को कई तरह की, शारिरिक और मानसिक दोनों ही तरह की, स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं होने का खतरा रहता है ।"

सांसद मैककोलम ने कहा है कि इस तरह की समस्याएं दुनिया भर में हैं और यह किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है ।

मेसुदा जलाल अफगानिस्तान की महिला मामलों की मंत्री हैं । वह कहती हैं कि हालांकि यह अफगानिस्तान के संविधान के खिलाफ है, पर महिलाओं और लड़कियों के साथ सभी तरह की हिंसा हो रही है—जबरन विवाह, घरेलू हिंसा, छोटी आयु में शादी, बाल विवाह और झगड़े सुलझाने के लिए जबरन शादी ।

पैट्रीशिया ब्रिस्टर राष्ट्र संघ के महिलाओं की स्थिति पर आयोग में अमेरिकी प्रतिनिधि हैं । उन्होंने कहा कि बाल विवाह से छोटी लड़कियों को गंभीर खतरे हो सकते हैं, जिनमें प्रसूति के समय मौत हो जाना भी शामिल है । अमेरिका अन्य देशों से बाल विवाह पर रोक लगाने के प्रयासों में शामिल होने का अनुरोध करता है, जो ऐसा मानवाधिकार हनन है, जिसे किसी लड़की को नहीं झेलना चाहिए ।