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Editorials - The following is an Editorial Reflecting the Views of the US Government
तालिबान ने स्वतंत्र अभिव्यक्ति को निशाना बनाया
17/01/2008

पाकिस्तान के डेली टाइम्स अखबार के अनुसार, पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रांत के मरदान जिले में तालिबान इंटरनेट कैफे और इंटरनेट प्रशिक्षण केंद्रों को बम से उड़ाने की धमकी दे रहे हैं । मरदान शहर के पास, कटलांग बाज़ार के एक इंटरनेट कैफे के मालिक, जहानज़ेब खान ने कहा कि शॉपिंग प्लाज़ा के मालिक ने एक गुमनाम स्थानीय तालिबान का धमकी भरा पत्र मिलने के बाद मेरा नेट कैफे बंद कर दिया । अली अहमद एक केंद्र के मालिक हैं, जहां कालेज के छात्रों और अन्य को इंटरनेट का प्रयोग करना सिखाया जाता है । उन्होंने बताया कि उन्हें और अन्य इंटरनेट प्रशिक्षकों को काम बंद करने या आतंकवादी हमले का सामना करने का आदेश दिया गया ।

नवंबर,2007 से मरदान शहर और आसपास के इलाकों की दर्जनों वीडियो और सीडी की दुकानों पर बम हमले किये गये हैं । यह आतंक फैलाने की रणनीति का हिस्सा है, जिसे तालिबानीकरण कहा जाता है और जिसके जरिये  तालिबान और अन्य हिंसक चरमपंथी पाकिस्तान, अफगानिस्तान और इस क्षेत्र में अपनी शैली का इस्लाम थोपना चाहते हैं । फरहाना अली रैंड कार्पोरेशन में सहायक अंतर्राष्ट्रीय नीति विश्लेषक हैं । उनका कहना है कि पाकिस्तानी इसके बजाय लोकतंत्र चाहते हैं ।

 पिछले सितंबर में वर्ल्ड पब्लिक ओपीनियन ने युनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस के साथ मिल कर एक सर्वेक्षण किया था और उस सर्वेक्षण में 60 प्रतिशत से ज़्यादा पाकिस्तानियों ने तालिबानीकरण को अस्वीकार कर दिया था ।

 

साउथ एशिया फ्री मीडिया एसोसियेशन के अनुसार, 2007 के दौरान तालिबानी आतंकवादियों और अन्यों के हमलों ने पाकिस्तान को दक्षिण एशिया का सबसे खतरनाक स्थान बना दिया । कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2007 में चरमपंथियों द्वारा मारे गए पत्रकारों में न्यूज़ फोटोग्राफर महबूब खान और टीवी न्यूज़ कैमरामैन मुहम्मद आरिफ शामिल थे । न्यूज़ कैमरामैन जावेद खान जुलाई में इस्लामाबाद में लाल मस्जिद पर चरमपंथियों और सरकारी फौजों के बीच गोलीबारी को फिल्माते समय मारे गए थे । तीन अन्य पत्रकार अप्रैल में पाकिस्तान के गृह मंत्री आफताब शेरपाओ पर हुए आत्मघाती हमले में घायल हो गए थे । पाकिस्तान फेडरल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के महासचिव, मज़हर अब्बास ने कहा कि कबीलाई क्षेत्रों में काम कर रहे 13 पाकिस्तानी पत्रकारों को चरमपंथियों की धमकियों के कारण जबरन अपना पेशा छोड़ना पड़ा ।
Richard Boucher (file photo)
Richard Boucher


दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री, रिचर्ड बाउचर ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार हिंसक अल्पसंख्यकों से लड़ रही है, जो अधिकांश अमनपसंद, कानून का पालन करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों की उन स्वतंत्रताओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, जो उन्हें अपने देश की स्थापना पर मिली थीं । श्री बाउचर ने कहा कि अमेरिका हिंसक चरमपंथियों के साथ संघर्ष में पाकिस्तान के साथ है ।