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| Nepal's PM Girija Prasad Koirala (foreground-L) and other lawmakers wait for parliament's decision on abolition of the monarchy in parliament building, Kathmandu |
नेपाल की सरकार ने संवैधानिक सभा के चुनावों के लिए, जो नेपाल के लिए एक नया संविधान बनाएगी, 10 अप्रैल की तिथि तय की है ।
नेपाल में अमेरिकी दूतावास ने एक लिखित बयान जारी करते हुए कहा है कि संवैधानिक सभा के चुनाव समग्र शांति समझौते का एक महत्वपूर्ण अंग है । इस समझौते से, जिस पर 2006 में हस्ताक्षर किये गए थे, माओवादी विद्रोहियों और नेपाल की सरकारी फौजों के बीच 10 वर्ष से जारी लड़ाई खत्म हो गई थी ।
नेपाल में करीब 9 वर्षों में ये पहले चुनाव होंगे । बताया जाता है कि 60 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियों ने देश के निर्वाचन आयोग में पंजीकरण कराया है । परंतु हिंसा और परेशान किया जाना जारी है, जिसके कारण नेपाल के लोकतंत्र में हस्तांतरण को खतरा है ।
काठमांडू में एक राजनीतिक रैली में, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया था, बम-विस्फोट में 8 लोग घायल हो गए । यह रैली नेपाल की गठबंधन सरकार में शामिल सात राजनीतिक पार्टियों ने आयोजित की थी । 2006 से नेपाल के दक्षिणी तराई क्षेत्र में एक दर्जन हथियारबंद स्थानीय गुटों द्वारा की गई हिंसा में कम-से-कम 200 लोग मारे गए हैं । नेपाल में राष्ट्र संघ शांति मिशन के अध्यक्ष इयान मार्टिन ने कहा कि यहां की सुरक्षा स्थिति में सुधार करने के लिए गंभीर कदम उठाने की जरूरत है ।
राष्ट्र संघ एजेंसियों और प्रेस स्वतंत्रता पर्यवेक्षकों से बने एक संगठन, इंटरनेशनल प्रेस फ्रीडम एंड फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन मिशन टू नेपाल के अनुसार, नेपाल में प्रेस स्वतंत्रता के गंभीर हनन की वजह से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के प्रयासों में बाधा पड़ रही है ।
प्रेस फ्रीडम मिशन ने एक लिखित बयान में कहा है, "पत्रकारों, मीडियाकर्मियों और मीडिया संस्थानों को लगातार परेशान किया जा रहा है और धमकाया जा रहा है ।" फेडरेशन ऑफ नेपाली जर्नलिस्ट्स ने अप्रैल, 2006 से दिसंबर 2007 के बीच प्रेस स्वतंत्रता के हनन के 650 से ज्यादा मामलों की जानकारी दी । इनमें पत्रकार वीरेंद्र शाह और पुष्कर बहादुर श्रेष्ठ की हत्या और प्रकाश सिंह ठाकुरी का लापता होना भी शामिल है । इंटरनेशनल प्रेस फ्रीडम एंड फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन मिशन टू नेपाल ने नेपाल की सरकार और राजनीतिक पार्टियों से पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने और उनका प्रचार करने के लिए कहा है ।
अमेरिका सभी पार्टियों से ऐसी आचार संहिता बनाने और उसका पालन करने का अनुरोध कर रहा है, जिससे संवैधानिक सभा के चुनावों में सभी नेपालियों की शांतिपूर्ण भागीदारी को सुनिश्चित किया जा सके ।