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| US First Lady Laura Bush being interviewed by VOA TV, 17 Jan. 2008 |
प्रथम महिला लॉरा बुश ने कहा कि वर्ष 2001 में तालिबान का शासन समाप्त होने के बाद अमेरिका और अफगानिस्तान की महिलाओं के बीच बहनों जैसी भावना पैदा हो गई है । श्रीमती बुश ने अमरीका-अफगान महिला परिषद राउंडटेबल को संबोधित करते हुए कहा कि तालिबान शासन के दौरान अफगान महिलाओं की दुर्दशा ने अमेरिकी महिलाओं के भीतर उनकी सहायता की तीव्र भावना जगा दी । श्रीमती बुश ने
वॉइस ऑफ अमेरिका के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिकी-अफगान हिस्सेदारी के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं । उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान ने कई बड़े कदम उठाए हैं । उन्होंने कहा-
“वहां चुनाव हुआ, बल्कि वास्तव में दो चुनाव हुए और बड़ी संख्या में महिलाओं समेत वहां की जनता ने मतदान किया । अफगानिस्तान में एक संविधान लिखा गया, कई स्कूल बनाए गए, बच्चे फिर से स्कूल जाने लगे । मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि वहां कई नाटकीय परिवर्तन हुए ।”
सन 2001 में, केवल 8 प्रतिशत अफगान नागरिकों की, बुनियादी स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच थी । आज वह संख्या लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है । दो वर्ष पहले तक सिर्फ 35 प्रतिशत अफगानों को पोलियो-रोधी टीका दिया गया था । आज, 95 प्रतिशत अफगानों को पोलियो का टीका दिया जा चुका है, जिसमें 70 लाख बच्चे शामिल हैं । शिशु मृत्यु दर में करीब 20 प्रतिशत की कमी आई है ।
संभवतः सबसे नाटकीय परिवर्तन शिक्षा के क्षेत्र में आया है । तालिबान के तहत केवल नौ लाख बच्चे स्कूलों में पढ़ते थे, जिनमें लगभग सभी लड़के थे । आज 50 लाख से अधिक अफगानी बच्चे स्कूल में हैं, जिनमें लड़कियों की संख्या करीब 20 लाख है । शिक्षा एकमात्र सबसे महत्वपूर्ण सुविधा है, जो सरकार उन्हें मुहैया कर सकती है, क्योंकि शिक्षा से आने वाली अफगानी पीढ़ियों की तकदीर बदल जाएगी ।
कुछ क्षेत्रों में अफगानिस्तान के स्कूली बच्चों को अभी भी तालिबान उग्रवादियों से जान का खतरा बना हुआ है । अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने अफगान संसद से कहा कि आतंकवादियों के डर की वजह से दक्षिणी एवं दक्षिण-पश्चिमी अफगानिस्तान में करीब 3 लाख बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं । श्रीमती बुश ने कहा- अब उन अफगान बच्चों के अधिकारों के लिए खड़े होने का समय आ गया है । उन्होंने कहा-
“मैं अच्छी तरह समझती हूं, कि महिलाएं एवं पुरुष, विशेष रूप से महिलाएं, जब अफगानिस्तान में शिक्षा की बात करते हैं तो उन्हें कौन सा डर सताता है । तालिबान शासन के दौरान लोगों को इसी शिक्षा से वंचित रखा गया । मैं अफगानिस्तान की जनता से यह अपील करती हूं कि वे एकजुट होकर कहें कि हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उनका शिक्षित होना बहुत जरूरी है ।”
श्रीमती बुश ने कहा कि उन्हें उन सभी कार्यों का गर्व है, जो अमेरिका की सरकार अफगानिस्तान में शिक्षा की दिशा में कर रही है । उन्होंने अफगानिस्तान की जनता से एक अच्छे, सुरक्षित एवं सुंदर देश के लिए अपनी कोशिशें जारी रखने की अपील की ।