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Editorials - The following is an Editorial Reflecting the Views of the US Government
पी5 देश तथा जर्मनी ईरान पर प्रस्ताव लाने पर सहमत
25/01/2008

The Foreign Ministers of Russia, Sergey Lavrov (l), Germany, Frank-Walter Steinmeier (c), and US Secretary of State Condoleezza Rice (r), address the media at the Foreign Ministry in Berlin 22 Jan 2008
The Foreign Ministers of Russia, Sergey Lavrov (l), Germany, Frank-Walter Steinmeier (c), and US Secretary of State Condoleezza Rice (r), address the media at the Foreign Ministry in Berlin 22 Jan 2008
जर्मनी और राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य- रूस, ब्रिटेन, चीन, अमेरिका और फ्रांस ईरान के परमाणु कार्यक्रम के कारण उसके खिलाफ राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद का नया प्रस्ताव लाने की कोशिश करने पर सहमत हो गए हैं । सुरक्षा परिषद ईरान पर प्रतिबंध लगाने के दो प्रस्ताव पहले ही पारित कर चुकी है, क्योंकि ईरान सरकार ने यूरेनियम संवर्धन और रीप्रोसेसिंग गतिविधियां रोकने से इन्कार कर दिया है । इन गतिविधियों से परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं ।

जर्मनी के विदेश मंत्री फ्रांक-वॉल्टर स्टाइनमायर ने छह देशों, जिन्हें पी5+1 कहा जाता है, के फैसले की घोषणा   की । उन्होंने कहा, "हम इस पर सहमत हैं कि ईरान के हाथों में परमाणु हथियार होने के इस क्षेत्र के लिए नाटकीय परिणाम हो सकते हैं । इसलिए हम इस पर सहमत हैं कि हम सबको साथ मिलकर काम करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसा न हो ।"

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोंज़ेलो गैलिगोस ने कहा कि पी5+1 के नया प्रस्ताव लाने की कोशिश करने का फैसला ईरान को एक सख्त संदेश भेजता है ।

"ईरान सरकार को राष्ट्र संघ के अध्याय सात के प्रस्तावों का पालन करने की जरूरत है । वे लगातार अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं और मेरे विचार में इससे यह पता चलता है कि वे इस प्रयास की हमारी प्रतिबद्धता में हमें विभाजित नहीं कर सकते ।"

अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि अमेरिका का मानना है कि यह मुद्दा राजनय के जरिये सुलझाया जा सकता है । उन्होंने कहा कि अगर ईरान अपनी परमाणु संवर्धन और रीप्रोसेसिंग गतिविधियां रोक दे- जो अमेरिकी नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मांग है तो हम बातचीत शुरू कर सकते हैं और कुछ समय बाद एक नया और ज्यादा सामान्य संबंध बनाने के लिए काम कर सकते हैं । सुश्री राइस ने कहा कि हम नहीं चाहते कि ईरान परमाणु हथियार संपन्न शक्ति बने और हम ईरान पर अपनी अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारियां निभाने के लिए दबाव डालते रहेंगे ।