अफगानिस्तान में अमेरिका के राजदूत विलियम वुड ने कहा है कि अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन और उनकी सहायता करने वाले अड्डों को नष्ट करने में अफगानिस्तान की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है । श्री वुड ने कहा कि अमेरिका का एक अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्य अफगानिस्तान में संस्थागत लोकतंत्र और कानून के शासन का समर्थन करना है ।
राजदूत वुड ने कहा कि इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अमेरिका ने अफगानिस्तान को 2002 और 2007 के बीच 22 अरब डॉलर से ज्यादा की सहायता दी । इस राशि का करीब 50 प्रतिशत सुरक्षा सहायता के लिए, 40 प्रतिशत विकास के लिए और 10 प्रतिशत नशीली दवाओं का मुकाबला करने के प्रयासों पर खर्च किया गया । अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान को 2007 में दी गई मदद पिछले पांच सालों में दी गई सहायता के लगभग बराबर थी ।
राजदूत वुड ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के 40,000 से ज्यादा सैनिक अफगानिस्तान में हैं । अमेरिका ने इनमें से करीब आधे युवक और युवतियों को मुहैया कराया है । राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अफगानिस्तान में काम कर रहे इन लोगों की प्रशंसा की ।
"अफगानिस्तान में अमेरिका, नाटो के हमारे 25 सहयोगी और 15 मित्र देश अफगान लोगों को अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करने और अपने देश का पुनर्निर्माण करने में मदद कर रहे हैं । इन सैन्य और नागरिक कर्मचारियों के साहस की वजह से जो देश कभी अल-कायदा के लिए सुरक्षित गढ़ था, अब एक युवा लोकतंत्र है, जहां लड़के और लड़कियां स्कूल जा रहे हैं, नई सड़कें और अस्पताल बनाए जा रहे हैं और लोग नई आशा के साथ भविष्य की ओर देख रहे हैं ।"
राजदूत वुड ने कहा कि 2002 से अफगानिस्तान में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से ज्यादा हो गई है । 80 प्रतिशत से ज्यादा अफगान नागरिकों की पहुंच अब बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं तक है । आज अफगानिस्तान के इतिहास में पहले के मुकाबले ज्यादा बच्चे स्कूल जाते हैं ।
अफगानिस्तान में अमेरिकी राजदूत विलियम वुड ने कहा कि अफगानिस्तान को तालिबान विद्रोहियों, अल-कायदा के आतंकवादियों, नशीली दवाओं के अवैध व्यापारियों और लड़ाकू गिरोहों के गंभीर खतरों का सामना करना पड़ रहा है । अमेरिका, उसके सहयोगी और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी मदद करने के लिए ज्यादा काम कर सकते हैं । पर उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के भविष्य की चाबी अफगान लोगों के पास है । राजदूत वुड ने कहा कि अगर अफगान संगठित होंगे तो कोई भी ताकत उन्हें प्रगति की राह से नहीं हटा सकती । उन्होंने कहा कि अगर अफगान संगठित नहीं होंगे, अगर हर अफगान यह देखेगा कि उसके पड़ोसी की कीमत पर क्या उसके लिए सर्वश्रेष्ठ है और अगर हर समुदाय अपने पड़ोसी समुदाय की कीमत पर यह देखेगा कि उसके लिए क्या सर्वोत्तम है और अगर हर कबीला यह देखेगा कि अन्य कबीलों की कीमत पर उसके लिए क्या सर्वश्रेष्ठ है तो अफगानिस्तान को खतरा बना रहेगा ।