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| Guantanamo detainees stand side by side during midday prayers (file photo) |
अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने ग्वांटनामो बे सैन्य ठिकाने में रखे गए छह कैदियों पर 11 सितंबर, 2001 को किये गए आतंकवादी हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने का आरोप लगाया है । उस हमले में दो हजार नौ सौ तेहत्तर पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए थे । अमेरिकी वायु सेना के ब्रिगेडियर जनरल थॉमस हार्टमेन प्रतिरक्षा मंत्रालय के सैनिक कमीशन्स कार्यालय में कनवेनिंग ऑथोरिटी के कानूनी सलाहकार हैं । उन्होंने कहा- इन आरोपों में कहा गया है कि अल-कायदा अमेरिका पर हमला करने की यह योजना लंबे समय से बना रहा था और यह एक बेहद सुनियोजित योजना थी । उन्होंने कहा
“आरोपियों में खालिद शेख मोहम्मद, वालिद बिन ‘अत्ताश, रामज़ी बिनालशिभ, अली अब्दुल अज़ीज़ अली, मुस्तफा अहमद आदम अल हॉसावी और मोहम्मद अल कहतानी शामिल हैं । अब उन कबूले गए आरोपों को पाने के बाद कनवेनिंग ऑथोरिटी उन आरोपों और उनके साक्ष्यों पर पुनर्विचार करेगी ताकि यह तय किया जा सके कि इस मामले को कार्रवाई के लिए सैन्य आयोग के पास भेजने का कोई संभावित कारण है या नहीं । इसमें से हर अभियुक्त को सैन्य आयोग अधिनियम के तहत आरोपित किया गया है । उन पर षड्यंत्र करने का आरोप है । उन पर युद्ध के कानून का उल्लंघन करते हुए हत्या के अलग आरोप भी लगाए गए हैं । उनमें नागरिकों पर हमले करने, नागरिकों की संपत्तियों को क्षति पहुंचाने, पूरी दुनिया में लोगों को गंभीर रूप से घायल करने के आरोप शामिल हैं । उन पर आतंकवाद और आतंकवाद को मदद करने का आरोप हैं ।”
जनरल हार्टमेन ने कहा कि आरोपियों को मौत की सजा भी हो सकती है । उन्होंने कहा कि सैन्य आयोग आरोपियों के अधिकारों का ख्याल रखेगा ।
“सैन्य आयोग की प्रक्रिया में हर बचाव पक्ष के कुछ अधिकार हैं । उन्हें चुप रहने का अधिकार है और उनके न बोलने का कोई गलत मतलब नहीं निकाला जाएगा । उन्हें सैन्य वकीलों की पैनल की सहायता लेने का अधिकार होगा और वे अपनी मर्जी से अपना वकील भी रख सकते हैं । लेकिन सरकार इसका खर्च वहन नहीं करेगी । वे अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किये गए तमाम सबूतों की पड़ताल कर सकते हैं । आरोपियों को अपनी तरफ से सबूत इकट्ठा करने और गवाहों को बुलाने का अधिकार होगा । इनमें विशेषज्ञ गवाह भी हो सकते हैं । अभियोजन पक्ष द्वारा बुलाए गए सभी गवाहों से वे पूछताछ कर सकते हैं । सबूतों को पेश करने के समय उन्हें वहां रहने का भी अधिकार है । उन्हें कोर्ट ऑफ मिलिट्री कमीशन रीव्यू, उसके बाद डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट कोर्ट ऑफ अपील से गुजरते हुए अमरीका के सर्वोच्च न्यायालय में अपील का भी अधिकार है ।”
जनरल हार्टमेन ने यह भी कहा कि पहले यह समझा जाता है कि आरोपी निर्दोष हैं-
“जब तक आरोप साबित नहीं हो जाते और उसको लेकर कोई संशय नहीं रह जाता, आरोपी निर्दोष हैं और ऐसा समझे जाते रहेंगे ।”
अमेरिका को भरोसा है कि 11 सितंबर को हुए हमलों के आरोपियों को दोषी ठहराने के क्रम में ये सैनिक आयोग आरोपियों को व्यापक प्रक्रिया मूलक सुरक्षा प्रदान करेंगे । ये सुरक्षा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप या उसके दायरे से बाहर तक भी जा सकती है ।