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भारत सरकार ने किसानों को ऋण से राहत दिलाने के कोष को मंजूरी दी

27/03/2008

(वी.ओ.ए न्यूज़)

केंद्र सरकार ने किसानों के ऋण माफ करने की योजना को क्रियान्वित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी से किसान ऋण राहत कोष बनाने का फैसला किया है, लेकिन छोटे और मंझोले किसानों की योग्यता के आधार में कोई परिवर्तन करने का उल्लेख नहीं किया है ।

 

2007-08 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों में इस कोष के लिए 10,000 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि तय की गई है ।

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज किसानों के कर्ज माफ करने की योजना को लागू करने के लिए इस कोष को स्थापित करने को मंजूरी दे दी, लेकिन अभी तक उसने कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी के सुझावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिन्होंने भूमि स्वामित्व की योग्यता सीमा बढ़ाने और कर्ज माफ करने के लिए तय की गई 31 मार्च, 2007 की तिथि खत्म करने की जरूरत बताई थी ।

 

इस महीने के शुरू में लोकसभा में बजट पर हुई बहस में भाग लेते हुए श्री गांधी ने कहा था कि कर्ज माफ करने के लिए दो हेक्टेयर भूमि की प्रस्तावित सीमा तय करते समय भूमि की उत्पादकता और कम सिंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों पर ध्यान नहीं दिया गया है  

 

उन्होंने कर्ज माफ करने के लिए एक तिथि निश्चित करने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कुछ क्षेत्रों के किसानों को अनुचित दंड मिलेगा । अगर स्थानीय तौर पर कर्ज माफी की तिथि तय की जाए तो मदद पाने के हकदार हर किसान को कर्ज माफी का लाभ मिल सकता है ।

 

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, ऋण राहत कोष में अगले चार वर्षों में 50,314 करोड़ रुपये और डाले जाएंगे ताकि किसानों के कर्जे माफ करने की योजना से नुकसान उठाने वाले बैंकों और अन्य ऋण देने वाले संस्थानों की क्षति पूर्ति की जा सके ।

 

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने 2008-09 का बजट पेश करते हुए 60,000 करोड़ रुपये की कर्ज माफी योजना का ऐलान किया था, जो 30 जून तक लागू होगी ।

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