(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री केविन रुड सुरक्षा, विदेश नीति और पर्यावरण परिवर्तन पर चर्चा करने के लिए अमेरिका जा रहे हैं । इसके बाद वह ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के नेताओं से और बुखारेस्ट में नाटो शिखर सम्मेलन में नाटो प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे । पिछले साल नवंबर में चुनाव जीतने के बाद लेबर पार्टी के नेता की पहली बड़ी राजनयिक यात्रा में चीन का दौरा भी शामिल है ।
पूर्व राजनयिक केविन रुड ने 17 दिन और 45,000 किमी की लंबी यात्रा शुरू कर दी है
जब ऑस्ट्रेलियाई नेता राष्ट्रपति जॉर्ज बुश, ब्रिटिश प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन और चीनी राष्ट्रपति हू जिनताओ से मिलेंगे तो चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई के अतिरिक्त व्यापार और वैश्विक ऋण संकट के मुद्दे प्रमुख रहेंगे ।
श्री रुड अमेरिकी केंद्रीय रिजर्व बैंक के अध्यक्ष बेन बर्नान्के और विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट जॉलिक से भी बातचीत करेंगे ।
अपनी यात्रा शुरू करने से पहले श्री रुड ने कहा कि उनके तीन-वर्षीय कार्यकाल के दौरान ऑस्ट्रेलिया लगातार गतिशील होती विदेश नीति अपनाएगा ।
समझा जाता है कि अमेरिका में वह अगले कुछ महीनों में इराक से ऑस्ट्रेलिया की लड़ाकू फौजों को हटाने की योजनाओं पर चर्चा करेंगे । इराक से सैनिकों को हटाने के बावजूद केनबरा अफगानिस्तान में सैन्य अभियान के लिए प्रतिबद्ध है और समझा जाता है कि श्री रुड अगले हफ्ते जब नाटो के सहयोगी देशों के नेताओं से मिलेंगे तो इसके लिए और अधिक सहायता का अनुरोध करेंगे ।
सिडनी में एक पूर्व एशिया मंच पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वैश्विक मुद्दों पर, जिनमें वित्तीय स्थिरता, पर्यावरण परिवर्तन और सुरक्षा शामिल होंगे, ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएगी ।
पिछले साल के अंत में प्रधानमंत्री के तौर पर श्री केविन रुड ने पहला कार्य पर्यावरण परिवर्तन पर क्योटो संधि पर हस्ताक्षर करने का किया था । उन्होंने दक्षिणी प्रशांत के गरीब क्षेत्रों में विकास में सहायता देने के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्रतिबद्धता भी जताई है ।
श्री रुड की सरकार राष्ट्र संघ में सुधार करने के लिए भी दबाव डाल रही है ताकि भारत और जापान के उभार को परिलक्षित किया जा सके ।
ऑस्ट्रेलियाई नेता न्यूयॉर्क में राष्ट्र संघ महासचिव बान की मून से मिल कर परिवर्तन करने का अनुरोध करेंगे ताकि जापान और भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाया जा सके ।