चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन अटकलों की पुष्टि कर दी है, जिनमें यह कहा जा रहा था कि गत् दिसंबर महीने में एक पिता को अपने बेटे से बर्ड फ्लू का संक्रमण हो गया ।
बीजिंग स्थित चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के शोधकर्ताओं ने कहा कि 24-वर्ष के एक युवक से यह रोग उसके 52-वर्षीय पिता को हो गया । मनुष्य से मनुष्य में बर्ड फ्लू के फैलने की यह घटना जियांगसू में हुई है । बेटा मर गया, लेकिन पिता की जान बच गई ।
मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने कहा कि जांच से यह बात सामने आई कि दोनों लोग आनुवंशिक रूप से लगभग एक जैसे एच5एन1 वायरस से संक्रमित पाए गए । उन्हें यह भी पता चला कि उन लोगों के सम्पर्क में जो 91 लोग आए थे, उनमें इस वायरस का संक्रमण नहीं हुआ है ।
मानव-से-मानव तक इस रोग के फैलने की घटना बिरले ही हुई है, लेकिन पिछले सप्ताह पाकिस्तान में दिसंबर महीने के एक दूसरे मामले की पुष्टि हुई है । अधिकतर लोग जो इस वायरस की चपेट में आए हैं, वे संक्रमित पक्षियों के संपर्क में रहे थे ।
सोमवार को दक्षिण कोरिया और चीन के अधिकारियों ने बर्ड फ्लू के फिर से फैलने की पुष्टि की है ।
दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने बताया कि बर्ड फ्लू के ताजा मामले दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल से करीब 250 किमी दक्षिण जियॉनजियप शहर में बत्तख के एक फार्म में सामने आए हैं । यहां से 30 किमी दूर एक अन्य मुर्गी पालन केंद्र में बर्ड फ्लू के फैलने की खबर दी गई है ।
सोमवार को चीनी अधिकारियों ने भी तिब्बत के सुदूर क्षेत्र में स्थित एक फार्म के पक्षियों के एच5एन1 से संक्रमित होने की घटना की पुष्टि की है । वहां करीब 268 मुर्गियों को मार दिया गया है ।
बर्ड फ्लू का वायरस कम तापमान वाले इलाके में अधिक सक्रिय देखा गया है । इस साल की शुरुआत से अभी तक चीन इस रोग से तीन लोगों के मरने और पोल्ट्री में कई बार इस रोग के फैलने की पुष्टि कर चुका है ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि पूरी दुनिया में वर्ष 2003 से लेकर अब तक 238 लोग मारे जा चुके हैं । पिछले सप्ताह इंडोनेशिया में दो लोगों के मरने की खबर है । इसके साथ ही उस देश में बर्ड फ्लू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 107 हो गई है ।