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भारत, अफ्रीका राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए एक-दूसरे का समर्थन करेंगे

09/04/2008

(वी.ओ.ए न्यूज़)

भारत और अफ्रीका ने आज घोषणा की कि वे राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद का विस्तार होने पर एक-दूसरे को स्थायी सदस्यता देने का समर्थन करेंगे । उन्होंने विश्व संस्था को ज्यादा लोकतांत्रिक और ज्यादा प्रतिनिधित्व वाला बनाने के लिए इसमें सुधार करने का समर्थन भी किया ।

 

तंजानिया के राष्ट्रपति जकाया किकवेते ने आज नई दिल्ली में भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन के समापन पर कहा कि हम राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद को ज्यादा लोकतांत्रिक बनाने के लिए उसमें सुधार करने की मांग करेंगे ।

 

इस दो-दिवसीय सम्मेलन में अफीकी देशों के 14 प्रमुखों ने भाग लिया । इसमें पारित किये गए दिल्ली घोषणा पत्र में कहा गया है कि दोनों पक्ष राष्ट्र संघ के सुधार की प्रक्रिया में सक्रिय और सकारात्मक योगदान देंगे ।

 

इसमें कहा गया है कि हम राष्ट्र संघ में वास्तविक सुधार जल्दी कराने के लिए और महासभा की भूमिका को विशेष रूप से सक्रिय बनाने और उसका विस्तार करने के लिए तथा सुरक्षा परिषद के सुधार और विस्तार के लिए दोनों पक्षों के बीच सहयोग मजबूत करने पर सहमत हैं ।

 

दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी प्रकारों की आलोचना करते हुए कहा कि हम सभी सदस्य देशों से अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद संधियों और उनसे संबंधित संधियों तथा आतंकवाद के विरोध पर सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का पालन करने का अनुरोध करेंगे ।

 

उन्होंने कहा कि हम राष्ट्र संघ में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र संधि को तुरंत अंतिम रूप देने की दिशा में ठोस प्रयास करने पर भी सहमत हैं ।

 

भारत और अफ्रीका ने ऐसे विशेष कदमों पर बातचीत करने के लिए भी कहा है, जिनसे परमाणु हथियारों में कटौती होगी और अंततः उन्हें खत्म कर दिया जाएगा ताकि विश्व को जन-विनाश के सारे हथियारों से मुक्त कराया जा सके ।

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