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Editorials - The following is an Editorial Reflecting the Views of the US Government
अल-कायदा से संघर्ष
17/04/2008

Captured Terrorist
Captured Terrorist
लंदन में 8 लोगों पर मुकदमा चलाया जा रहा है, क्योंकि उन पर सात अटलांटिक पार यात्री विमानों में बम रखने की साजिश करने का आरोप है । इन हमलों में हजारों लोगों की मौत हो सकती थी । अभियोजनकर्ताओं का कहना है कि यह योजना अल-कायदा के इशारे पर बनाई गई थी । यह आतंकवादी संगठन 11 सितंबर, 2001 को न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन में हुए हमलों के लिए जिम्मेदार है । लंदन में बोलते हुए, एफबीआई के निदेशक रॉबर्ट म्यूलर ने कहा कि अल-कायदा स्थितियों के अनुसार ढल रहा है और जीवित है ।

"11 सितंबर को हुए हमलों के मद्देनजर हमारा रास्ता स्पष्ट था । हम जानते थे कि हमारे शत्रु अल-कायदा के आतंकवादी थे और हम मिलकर उनके पीछे गए, उनके प्रशिक्षण शिविरों से लेकर उन्हें मिलने वाले पैसे तक, उनके नेतृत्व तक और साथ मिलकर हमने अफगानिस्तान में उनकी शरण स्थलियों को कम किया, उनको मिलने वाले लाखों डॉलर के स्रोत बंद कर दिए और अल-कायदा के बहुत से शीर्ष नेताओं को पकड़ लिया या मार दिया, लेकिन अल-कायदा चुपचाप अंधेरे में नहीं चला जाएगा । वह प्रतिरोधी है, अब उसका संगठन बिखरा हुआ है और वह अपनी रणनीतियों और हथकंडों में लगातार परिवर्तन करता रहता है ।"

एफबीआई निदेशक म्यूलर ने कहा कि अब अल-कायदा एक तीन स्तरीय संगठन है ।

"सबसे उच्च स्तर खास अल-कायदा है, खास अल-कायदा संगठन है, जिसने पाकिस्तान के गैर-शासित स्थानों, कबीलाई क्षेत्रों और सीमांत प्रांतों में नए गढ़ बना लिये हैं और नए गढ़ों का अर्थ है कि अल-कायदा अपने नेतृत्व को फिर से संगठित कर सकता है, नए सदस्यों को फिर से संगठित कर सकता है और हमला करने की क्षमता फिर से पैदा कर सकता है ।

निचला स्तर उन देसी चरमपंथियों का है, जो स्वयं चरमपंथी हैं, खुद पैसा जुटाते हैं और खुद कार्रवाई करते हैं ।" पर श्री म्यूलर ने कहा कि यह अल-कायदा का मध्य स्तर है, जो सबसे अधिक जटिल और सबसे अधिक खतरनाक है ।

"हमें ऐसे छोटे गुट मिल रहे हैं, जिनके एक स्थापित आतंकवादी संगठन से कुछ संबंध हैं, लेकिन बहुत हद तक वे स्व-निर्देशित हैं । ये एक तरह से अल-कायदा के फ्रेंचाइजी हैं, देसी चरमपंथियों की संकर किस्म हैं और ज्यादा उन्नत कार्यकर्ता हैं ।"

ऐसा ही एक गुट 7 जुलाई, 2005 को लंदन की परिवहन व्यवस्था में बम-विस्फोटों के लिए जिम्मेदार था । गत् सितंबर में डेनमार्क और जर्मनी में अल-कायदा से जुड़े आतंकवादी गिरोहों को गिरफ्तार किया गया था ।

श्री म्यूलर का कहना है कि अल-कायदा द्वारा होने वाले इन सभी खतरों के लिए लगातार अंतर्राष्ट्रीय प्रयास की जरूरत है, जिससे आतंकवादी संगठन को हराया जा सकता है और हराया जाएगा । उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इसमें सहस्त्रों वर्ष या पीढ़ियों का समय लगेगा । मुझे लगता है कि हम अपने समय में ही जीत देख लेंगे ।