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| Pope Benedict XVI, flanked by President Bush and first lady Laura Bush, acknowledges the crowd during an arrival ceremony, Wednesday, 16 April 2008, at the White House in Washington |
महामहिम पोप बेनेडिक्ट XVI का जब व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने 16 अप्रैल को स्वागत किया तो उन्होंने व्यक्ति के अपरिहार्य अधिकारों और स्वतंत्रता के दायित्वों के बारे में टिप्पणी की ।
व्हाइट हाउस में लोगों की भीड़ पोप बेनेडिक्ट के पोप बनने के बाद अमेरिका की पहली यात्रा का हिस्सा थी । साउथ लॉन में स्वागत समारोह में राष्ट्रपति बुश ने पोप को बताया कि सभी धर्मों के लिए अमेरिका का सम्मान हमारे देश की सबसे महान शक्तियों में से एक है ।
हम धार्मिक स्वतंत्रता में विश्वास रखते हैं । हम यह विश्वास भी करते हैं कि स्वतंत्रता के लिए प्रेम और एक साझा नैतिक कानून हर इंसान के दिल में लिखा है और इनसे ही वह सुदृढ़ नींव बनती है, जिस पर किसी भी सफल स्वतंत्र समाज का निर्माण होना चाहिए ।
लगभग 1,300 से ज्यादा लोगों की भीड़ के समक्ष राष्ट्रपति बुश ने कहा कि अमेरिका और विश्व को आशा के संदेश की जरूरत है ।
इस विश्व में, जहां कुछ लोग आतंक और हत्या और नफरत के कार्यों को उचित ठहराने के लिए ईश्वर के नाम का सहारा लेते हैं, हमें आपके इस संदेश की जरूरत है कि ईश्वर प्रेम है और इस प्रेम को अपनाना इंसान को कट्टरपंथ तथा आतंकवाद के उपदेशों का शिकार होने से बचाने का सबसे निश्चित रास्ता है । इस विश्व में, जहां कुछ लोग जीवन को अपमानित और त्याग देने लायक मानते हैं, हमें आपके इस संदेश की जरूरत है कि समूचा मानवीय जीवन पवित्र है और हममें से हरेक वांछित है, हममें से हरेक प्रिय है ।
पोप ने कहा कि एक विशाल बहुलतावादी समाज के रूप में अमेरिका के लिए उनके मन में बहुत सम्मान है । उन्होंने स्वतंत्रता को निजी दायित्व का आदेश बताया ।
अगर सभी लोगों को अपनी गरिमा के अनुकूल जीवन बिताना है तो मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 60वीं वर्षगांठ पर अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता की जरूरत पहले जितनी ही महत्वपूर्ण है ।
राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने पोप बेनेडिक्ट XVI से कहा कि इस विश्व में, जहां कुछ लोग स्वतंत्रता को केवल मनमानी करने के अधिकार की तरह देखते हैं, हमें आपके संदेश की जरूरत है कि सच्ची स्वतंत्रता हमें केवल अपनी स्वतंत्रता के लिए ही नहीं, बल्कि परस्पर सहायता की भावना के लिए जीने का निर्देश देती है ।