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Editorials - The following is an Editorial Reflecting the Views of the US Government
अमेरिका-बांग्लादेश संबंधों पर नए अमेरिकी राजदूत के विचार
24/04/2008

President Iajuddin Ahmed delivering his speech to the nation in Dhaka, 11 Jan 2007
President Iajuddin Ahmed delivering his speech to the nation in Dhaka, 11 Jan 2007
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश में तेरहवें अमेरिकी राजदूत के रूप में अपने कार्यभार संभालते हुए श्री जेम्स मोरियार्टी ने कहा कि लोकतंत्र को बढ़ावा देना, विकास सुनिश्चित करना और आतंकवाद को बढ़ने का कोई मौका नहीं देना बांग्लादेश की प्रमुख चुनौतियां हैं । उन्होंने कहा कि अमेरिका इन मामलों में बांग्लादेश की जनता का नजदीकी सहयोगी बना रहेगा ।

श्री मोरियार्टी ने दशकों तक शासन करने के अपने अधिकार को हासिल करने और अपने भविष्य को अपने हाथों में लेने के लिए किये संघर्ष के लिए बांग्लादेशी लोगों की सराहना की ।

वर्ष 1971 में पाकिस्तान से आजादी पाने के बाद लोकतंत्र की तरफ बढ़ते बांग्लादेश के रास्ते में नागरिक उथल-पुथल और सैन्य शासन के दौर बाधा के रूप में सामने आए हैं । बांग्लादेश के राष्ट्रपति इयाजुद्दीन अहमद ने राष्ट्रीय चुनावों के बहिष्कार की विपक्षी पार्टियों की घोषणा और व्यापक हिंसा को देखते हुए जनवरी, 2007 में देश में इमर्जेंसी लगा दी । बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति ने एक कामचलाऊ सरकार को नियुक्त किया । यह सरकार अब देश को हर तरफ फैले भ्रष्टाचार से मुक्त करने, लोकतंत्र को बरकरार रखने के लिए जरूरी संस्थानों का सुधार करने और मुक्त व पारदर्शी चुनावों को कराने के महत्वाकांक्षी एजेंडे को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ी है । राजदूत मोरियार्टी ने कहा कि बहुत थोड़े समय में बहुत कुछ हासिल हुआ है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है ।

श्री मोरियार्टी ने कहा कि जनादेश को पूरा करने के लिए कामचलाऊ सरकार को सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और सबसे महत्वपूर्ण, बांग्लादेशी जनता का समर्थन चाहिए । हर साल आने वाली बाढ़, बढ़ती आबादी और गरीबी के बावजूद बांग्लादेश में पिछले दशक में आर्थिक वृद्धि की दर मजबूत हुई है, लेकिन सामानों की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों और आपदाओं ने बांग्लादेशियों के जीवन को पहले से अधिक कठिन बना दिया है ।

अमेरिका बांग्लादेश की आजादी के बाद से अब तक उसे सहायता के रूप में करीब 5 अरब डॉलर दे चुका है और वार्षिक सहायता कार्यक्रमों के मद में हर साल औसतन 10 करोड़ डॉलर पड़ता है । पिछले साल सिद्र नामक तूफान की तबाही के तत्काल बाद अमेरिका ने आपात्कालीन सहायता एवं प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए 1.9 करोड़ डॉलर से अधिक की सहायता दी ।

श्री मोरियार्टी ने कहा- बांग्लादेश के लोग पिछले कुछ समय से आतंकवाद के शिकार हो रहे हैं और उन्हें खुद यह एहसास हो गया है कि उग्रवाद की वजह से कौन-कौन बुराइयां फैलती हैं । अमेरिका बांग्लादेश के साथ मिलकर उन बुरी ताकतों का सामना करेगा । अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि अमेरिका को भरोसा है कि दक्षिण एशिया में स्थायित्व एवं ताकत लाने में मदद करने की क्षमता पाने के बाद बांग्लादेश के साथ अमेरिका का सहयोग और मजबूत होगा ।