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| President Bush speaks during a news conference in the Rose Garden of the White House, 29 April 2008 |
अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि सीरिया के एक गुप्त परमाणु संस्थान के ब्यौरे का खुलासा करने में हुई देरी इस मामले में सावधानी बरतने की वजह से हुई । गौरतलब है कि गत् सितंबर महीने में इस्राइल ने इस संस्थान को नष्ट कर दिया था ।
उन्होंने कहा- हमें चिंता थी कि हड़बड़ी में खुलासा करने से मध्य-पूर्व में टकराव का जोखिम बढ़ जाएगा या बदले की कार्रवाई हो सकती है ।
अमेरिका ने 24 अप्रैल को सीरिया के परमाणु संयंत्र से संबंधित नतीजों की सार्वजनिक घोषणा की । एक लिखित बयान में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव डाना पेरिनो ने कहा कि उत्तर कोरिया की मदद से सीरिया की सरकार गुपचुप ढंग से प्लूटोनियम बनाने की क्षमता वाला एक परमाणु संयंत्र बना रही थी । इस संयंत्र को स्थापित करने के पीछे शांतिपूर्ण उद्देश्य नहीं था।
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि सीरिया के गुप्त परमाणु संयंत्र की सूचना को अभी इसलिए सार्वजनिक किया गया ताकि इससे कुछ नीतिगत लक्ष्यों की तरफ आगे बढ़ा जा सके ।
उन्होंने कहा कि एक लक्ष्य उत्तर कोरिया को यह साफ-साफ बताना है कि आप जितना सोचते हैं, हम आपके बारे में उससे ज्यादा जानते हैं और इसलिए यह जरूरी है कि उत्तर कोरिया सिर्फ प्लूटोनियम गतिविधियों पर नहीं, बल्कि परमाणु प्रसार और संवर्धन की गतिविधियों पर भी पूरा खुलासा करे ।
श्री बुश ने कहा कि दूसरा नीतिगत लक्ष्य ईरान और दुनिया को यह संदेश देना था कि मध्य-पूर्व में परमाणु प्रसार किस हद तक उथल-पुथल मचाने वाला हो सकता है ।
उन्होंने कहा कि इससे यह सीख मिलती है कि ईरान को परमाणु संवर्धन कार्यक्रम से रोकने के लिए राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को लागू करने की दिशा में हमारा मिल-जुलकर काम करना जरूरी है । दूसरे शब्दों में कहें तो सीरिया के परमाणु संयंत्र के उदाहरण से एक बात जो स्पष्ट होती है, वह यह है कि ये कार्यक्रम अस्तित्व में रह सकते हैं और जनता गफलत में रह सकती है । कारण यह है कि सीरिया ने इस कार्यक्रम की भनक नहीं लगने दी ।
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि अंत में अमेरिका सीरिया की सरकार को संदेश भेजना चाहती थी और इसको लेकर दूसरों को भी होशियार करना चाहती थी । संदेश यह है कि इराक से लगी अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने वाली, लेबनान को अस्थिर करने वाली और फिलिस्तीनियों व इस्राइलियों के बीच शांति की संभावनाओं में अड़ंगा लगाने वाली सीरिया की नीतियां विध्वंसकारी हैं । श्री बुश ने कहा कि दुनिया को याद दिलाने का यह एक मौका है कि हमें इन मुद्दों पर मिल-जुलकर काम करना जरूरी है ।