रूस ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंतित छह महाशक्तियां चाहती हैं कि तेहरान उस दौरान यूरेनियम संवर्धन रोक दे, जब बातचीत चल रही हो ।
रूसी विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने शनिवार को कहा कि ईरान को यह समझाना जरूरी है कि अगर वह बातचीत करेगा तो उसे क्या फायदे हो सकते हैं ।
श्री लावरोव लंदन में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और चीन के अपने समकक्षों के साथ बैठक के बाद मॉस्को में बोल रहे थे । उन्होंने कहा कि इन छह देशों ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने के बारे में चर्चा नहीं की ।
श्री लावरोव ने कहा कि यह गुट उन प्रोत्साहनों के पैकेज में सुधार करने पर सहमत हो गया, जिसे 2006 में ईरान को देने की पेशकश की गई थी ।
छहों देश ईरान को अपना संवर्धन कार्यक्रम स्थगित करने के लिए मनाने की कोशिश में प्रोत्साहन देने और प्रतिबंध लगाने की मिली-जुली कार्रवाई करने की कोशिश कर रहे हैं ।
पश्चिमी देशों को संदेह है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है, लेकिन ईरान इस आरोप का खंडन करता है ।
राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद ने ईरान द्वारा अपना विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम रोकने से इन्कार करने के लिए उस पर तीन प्रकार के प्रतिबंध लगा दिये हैं ।
रूस के ईरान के साथ अपेक्षाकृत घनिष्ठ संबंध हैं और उसने अमेरिका की तुलना में प्रतिबंधों के मामले में नरम रवैया अपनाया है । वॉशिंगटन को संदेह है कि ईरान प्रोत्साहनों को स्वीकार करेगा और वह चाहता है कि उस पर लगाए गए प्रतिबंधों को पूरी तरह लागू किया जाए ।