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| President Bush |
अमरीका ने बर्मा में समुद्री तूफ़ान से प्रभावित लोगों के लिए सहायता की राशि तीस लाख डौलर और बढ़ा दी है ।
आज व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति बुश ने बर्मा की जनता के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की और बर्मा से आह्वान किया कि वह अमरीका के महाविपदा सहायता दल को बर्मा में प्रवेश करने की अनुमति दे दे ।
और उधर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि बर्मा के समुद्री तूफ़ान नर्गिस से तबाह हुए क्षेत्रों में लोगों की सहायता के लिए भोजन, टेंट, कंबल और दवाइयों से भरे दो सैनिक पोत पोर्ट ब्लेयर से भेज दिए गए हैं । इससे दोनों देशों के बीच अच्छे हो रहे संबंधों का संकेत मिलता है । प्रवक्ता ने यह भी कहा कि प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ,राष्ट्रपति पाटिल और अन्य वरिष्ट अधिकारियों ने भी बर्मा के सैनिक प्रशासकों को संवेदना संदेश भेजे हैं ।
यूरोपीय संघ ने मानवीय सहायता के तौर पर 30 करोड़ डॉलर देने का वायदा किया है और चीनी राष्ट्रपति हू जिनताओ 10 लाख डॉलर नकद और राहत सामग्री भेजने का वायदा कर रहे हैं ।
बर्मा की अनुदारवादी सैन्य सरकार ने विदेशी मदद का स्वागत किया है, लेकिन सहायता एजेंसियों से कहा है कि राहत कार्यकर्ताओं को अब भी देश में आने के लिए वीज़ा लेना पड़ेगा ।
राष्ट्र संघ ने कहा है कि वह बर्मी अधिकारियों से इस शर्त में छूट देने के लिए कह रहे हैं ताकि जिन लोगों को चिकित्सा सहायता, भोजन और आश्रय की जरूरत है, उनके पास यह सहायता जल्दी पहुंच सके ।
अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के प्रवक्ता मैथ्यू कोकरान ने कहा है कि बर्मी रेड क्रॉस के हजारों कार्यकर्ता पिछले शुक्रवार को आए तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र इरावाडी नदी डेल्टा के क्षेत्र में फैल गए हैं ।