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| Vladimir Putin |
रूसी संसद के निचले सदन में श्री व्लादिमीर पुतिन भारी बहुमत से देश के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं, लेकिन वी.ओ.ए के मॉस्को संवाददाता पीटर फेदिन्स्की ने खबर दी है कि उनके नामांकन पर बहस के दौरान कम्युनिस्ट सांसदों ने श्री पुतिन की तीखी आलोचना और विरोध किया ।
श्री व्लादिमीर पुतिन का सरकार का अध्यक्ष बनना कभी भी संदेहास्पद नहीं था । 392 सदस्यों ने उनके पक्ष में और 56 ने उनके खिलाफ वोट दिये । श्री पुतिन को दो अल्पसंख्यक गुटों और सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी, जिसके वह अध्यक्ष हैं, का समर्थन मिला । कम्युनिस्टों ने उनका विरोध किया ।
मतदान से पहले श्री पुतिन ने रूस को विश्व का आर्थिक नेता बनाने और देश में रहने के स्तर में सुधार करने की अपनी योजनाएं पेश कीं ।
रूस की सरकार के नए अध्यक्ष ने कहा है कि मानवीय गुण और मानवीय पूंजी के निरंतर विकास के बिना और शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित तथा जीवन की आरामदेह स्थितियों में बड़े पूंजीनिवेशों के बिना एक प्रगतिशील समाज को बनाना असंभव है ।
कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गेनादी ज़्यूगानोव ने स्वीकार किया कि श्री पुतिन ने राष्ट्रपति रहते हुए अपने कार्यकाल के दौरान रूस को संगठित किया, कॉकेशस में विद्रोहों को दबाया और देश की अंतर्राष्ट्रीय छवि में सुधार किया । परंतु उन्होंने कहा कि रूस अब औद्योगिक शक्ति नहीं रहा है और वह अपना आधा भोजन आयात करता है, जबकि 4 करोड़ हेक्टेयर कृषि भूमि पर खर-पतवार फैल गई है ।
श्री ज़्यूगानोव ने जनसंख्या में आ रही गिरावट का उल्लेख करते हुए कहा कि रूस की आबादी गिर कर 13.5 करोड़ हो सकती है, जबकि अमेरिका की बढ़कर 30 करोड़ हो गई है । इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 8 लाख उच्च प्रशिक्षित पेशेवर रूस से चले गए हैं ।
श्री ज़्यूगानोव ने श्री पुतिन से कहा कि आपकी मुख्य असफलता यह है कि आपने लोकतंत्र की बुनियादों को विकसित नहीं किया और इनकी रक्षा नहीं की । उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों से एक बार फिर साफ हो गया कि पुतिन प्रशासन की नीतियां रूस को कहीं नहीं ले जाएंगी और उन क्षेत्रों में भी ठहराव आ जाएगा, जिन पर श्री पुतिन को गर्व है ।
श्री ज़्यूगानोव की टिप्पणियों पर लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष व्लादीमीर झिरिनोव्स्की ने तीखा प्रहार किया । वह राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे और श्री दमित्री मेदवेदेव के प्रतिद्वंद्वी थे ।
श्री झिरिनोव्स्की को निर्भीक आलोचक माना जाता है । उन्होंने श्री ज़्यूगानोव के इस आरोप की धज्जियां उड़ा दीं कि रूसी कारखाने बंद हो रहे हैं । उन्होंने कहा कि कम्युनिस्टों ने राजनीतिक कैदियों से जबरन देश का ज्यादातर बुनियादी ढांचा बनवाया था । उन्होंने कहा कि रूस के प्रतिभा पलायन की शुरुआत सोवियत युग से हो गई थी, क्योंकि वैज्ञानिक उस आजादी की तलाश में देश से भाग गए थे, जो कम्युनिस्ट सरकार उन्हें नहीं देती थी ।
उन्होंने श्री ज़्यूगानोव की पार्टी पर समूचे ज़ारवादी पुलिस बल को कत्ल करने और देश के सभी इंजीनियरों और सरकारी अधिकारियों को निष्कासित करने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि अधिकारी रिश्वत लेते हैं, लेकिन वे कौन हैं । उन्होंने खुद ही जवाब देते हुए कहा कि कम्युनिस्ट शासन के दौरान वे सड़कों से उठ कर आए थे और उच्च सरकारी नौकरियां हासिल कर ली थीं । श्री झिरिनोव्स्की ने कहा कि अगर अभिजात्य वर्ग के, जमींदारों, उद्योगपतियों और वैज्ञानिकों के बच्चों ने रूस पर शासन किया होता तो स्थिति बिल्कुल अलग होती ।
श्री पुतिन, जिनके नामांकन पर यह आलोचना भड़की थी, उस समय गंभीर दिखाई दिये, जब श्री ज़्यूगानोव ने उनके रिकॉर्ड पर हमला किया और जब श्री झिरिनोव्स्की ने कम्युनिस्ट नेता पर प्रहार किया तो वह खुश नजर आए ।