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| Homeless people whose homes were destroyed in last weekend's devastating cyclone take shelter at a monastery in Kaw Hmu village, southwest of Yangon, Myanmar . |
बर्मा में लाखों तूफान पीड़ितों को भोजन, पानी और दवाइयां नहीं मिल रही हैं, लेकिन देश के सैन्य नेता उन अंतर्राष्ट्रीय आपदा टीमों को आने की अनुमति नहीं दे रहे हैं, जो पीड़ितों की मदद करना चाहते हैं । अधिकृत मृतक संख्या 22,000 से ऊपर है ।
कई देशों और राष्ट्र संघ ने कहा है कि उनके विमान बर्मा के इरावाडी डेल्टा क्षेत्र के पानी में डूबे इलाकों में फंसे लोगों को भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य राहत सामग्रियां पहुंचाने के लिए तैयार हैं । इस क्षेत्र में चावल पैदा होता है और यहां सबसे ज्यादा विनाश हुआ है ।
बर्मा में राजनयिकों ने बताया कि मृतकों की संख्या 1 लाख तक पहुंच सकती है और लगभग 10 लाख लोग बेघर हो गए हैं ।
बहुत सारे पीड़ितों को अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है और अधिकारियों का कहना है कि विनाश की पूरी जानकारी तब तक नहीं मिलेगी, जब तक कि आपदा टीमें वहां जाकर नुकसान का आकलन नहीं करेंगी । फिलहाल राहत सामग्री बर्मा के बाहर विमानों और भंडारगृहों में पड़ी है ।
सुबह आशा की एक किरण दिखाई दी थी, जब यह जानकारी मिली थी कि थाई अधिकारियों ने कहा है कि बर्मा एक अमेरिकी सेना के सी-130 मालवाहक विमान को मानवीय सामग्री लाने के लिए अनुमति देने पर सहमत हो गया है ।
परंतु बाद में थाईलैंड में अमेरिकी राजदूत एरिक जॉन ने कहा कि विमान द्वारा सामग्री नहीं पहुंचाई जा रही है । उन्होंने कहा कि कुछ गलतफहमी हुई है ।
राजदूत जॉन ने कहा कि सुबह बर्मी सरकार से हमें सी-130 विमान का इस्तेमाल करने की अनुमति मिली थी । मुझे लगता है कि उसके बाद बर्मी अधिकारियों ने यह फैसला वापस ले लिया और वे अब भी इस पर सोच-विचार कर रहे हैं, इसलिए अभी तक हमें सी-130 को वहां ले जाने की अनुमति नहीं मिली है ।
बर्मा की सेना, जो 1962 से देश पर शासन कर रही है, आपदाओं के समय भी बाहरी सहायता स्वीकार नहीं करना चाहती, क्योंकि उसे संदेह है कि विदेशी उपस्थिति उसके हितों के खिलाफ हो सकती है ।
अमेरिकी राजनयिक ने पत्रकारों से कहा कि एक अमेरिकी आपदा सहायता प्रतिक्रिया दल के सदस्य बैंकॉक में बर्मा का वीज़ा लेने और लोगों की मदद करने का इंतजार कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि बर्मी सेनाधिकारियों को इससे डरना नहीं चाहिए ।
राजदूत जॉन ने कहा कि हम इन लोगों को भेजना चाहते हैं । ये मानवीय कार्यकर्ता हैं । वे मदद के लिए जाने के लिए तैयार हैं । ये सरकार को उखाड़ने के लिए नहीं जा रहे हैं । वे जासूसी करने नहीं जा रहे हैं । वे आपदाओं के समय तुरंत सहायता करने में विशेष रूप से दक्ष हैं ।
कई देशों के मानवीय कार्यकर्ता बैंकॉक में बर्मी दूतावास को वीज़ा के आवेदन देने के लिए इंतजार कर रहे हैं । इनमें से ज्यादातर को मना कर दिया गया है ।