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| Masked Shi'ite gunman stands guard during clashes in Beirut, Lebanon. |
लेबनान में हिज़्बुल्ला बंदूकधारियों ने देश की पश्चिम-समर्थक सरकार के वफादार सैनिकों के साथ हुई झड़पों के बाद पश्चिमी बेरुत पर कब्जा कर लिया । इस संघर्ष में कम-से-कम 11 लोग मारे गए ।
शिया उग्रवादी संगठन, हिज़्बुल्ला के लड़ाकों ने सरकार-समर्थक टेलीविजन स्टेशन, फ्यूचर मूवमेंट का प्रसारण भी जबरन बंद करा दिया और इससे जुड़े एक अखबार पर हमला किया ।
यह स्टेशन लेबनान के सत्तारूढ़ गठबंधन के एक नेता साद अल-हरीरी का है । उनके पश्चिमी बेरुत स्थित घर की बाड़ पर रॉकेट भी दागा गया, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ ।
अधिकारियों ने हिंसा के कारण बेरुत का बंदरगाह बंद कर दिया है ।
सऊदी अरब ने, जो लेबनान सरकार का समर्थन कर रहा है, इस संकट पर चर्चा करने के लिए अरब विदेश मंत्रियों की आपात्कालीन बैठक बुलाई ।
सीरिया ने, जो हिज़्बुल्ला का समर्थन करता है, इस स्थिति को लेबनान का घरेलू मुद्दा बताया है । हिज़्बुल्ला के एक अन्य समर्थक ईरान ने अमेरिका और इस्राइल पर लेबनानी मामलों में हस्तक्षेप करके अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया है ।
इटली ने कहा है कि वह बेरुत से अपने नागरिकों को निकालने की योजना बना रहा है ।
गुरुवार को लड़ाई बढ़ गई थी, जब हिज़्बुल्ला के अध्यक्ष हसन नसरल्लाह ने लेबनानी सरकार द्वारा उनके संगठन के सदस्यों की धर-पकड़ को युद्ध की घोषणा करार दिया था ।
अमेरिका और राष्ट्र संघ, दोनों ने हिंसा पर चिंता जताई है ।
लेबनान पिछले वर्ष से ही राजनीतिक गतिरोध में फंसा हुआ है, क्योंकि सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष एक संगठित सरकार बनाने के लिए नया राष्ट्राध्यक्ष चुनने में असफल रहे हैं ।
अगले हफ्ते 13 मई को संसद में देश के नए राष्ट्रपति के लिए मतदान होना है । यह 19वीं बार होगा कि संसद पूर्व सीरिया-समर्थक राष्ट्रपति एमिल लाहौद, जिनका कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है, का उत्तराधिकारी चुनने के लिए मतदान की कोशिश करेगी ।