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| MidtermElections |
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| Sri Lankan security forces inspect goods as they are loaded aboard a cargo ship in Colombo, bound for northern Jaffna peninsula |
श्रीलंका के चुनाव आयोग ने कहा है कि देश की सत्ताधारी पार्टी ने पूर्वी प्रांत में स्थानीय परिषद के चुनावों में जीत हासिल कर ली है, लेकिन प्रेक्षकों का कहना है कि इस चुनाव में धांधली हुई है और वोटरों को डराया-धमकाया गया है ।
त्रिंकोमाली, बट्टिकलोआ और अम्पारा जिलों के लोगों ने नई प्रांतीय असेंबली के लिए वोट दिया । घोषित नतीजों में सत्ताधारी यूनाइटेड पीपल्स फ्रीडम अलायंस कोअलीशन को 35 सीटों में से 20 सीटें मिली हैं । पिछले दो दशकों में पूर्वी प्रांत में यह पहला चुनाव है । श्रीलंका के अधिकारियों का कहना है कि इस चुनाव के साथ ही इस तनाव भरे क्षेत्र में एक नई शुरुआत हुई है । यह शुरुआत सरकार द्वारा तमिल टाइगर विद्रोहियों से पूर्वी प्रांत को छीने जाने के एक साल बाद हुई है ।
विपक्षी यूनाइटेड नेशनल पार्टी ने यह शिकायत भी की है कि चुनाव के दौरान चारों तरफ अनियमितताएं हुई हैं और उसने नतीजों को खारिज कर दिया है ।
सत्ताधारी पार्टी के राष्ट्रपति महिंदा राजापक्षे ने विद्रोहियों से टूटकर अलग हुए गुट, टीएमवीपी से चुनाव में हाथ मिलाया था । टीएमवीपी पर हत्या, अपहरण और बच्चों को सिपाही के रूप में भर्ती करने का आरोप है ।
तमिल विद्रोही 1983 से ही से उत्तरी श्रीलंका में एक स्वतंत्र तमिल राज्य की मांग को लेकर लड़ रहे हैं । इस साल के शुरू में युद्ध विराम के समझौते से आधिकारिक रूप से सरकार के हटने के बाद से ही संघर्ष तेज हो गया है . सरकार ने यह कह कर समझौता तोड़ था कि विद्रोही बार-बार युद्ध विराम के समझौते को तोड़ रहे हैं .