(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
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| US military personnel unload aid shipment to Burma, 12 May 2008 |
अमेरिका ने समुद्री तूफान नर्गिस से प्रभावित बर्मा के नागरिकों के लिए राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी है । अमेरिकी वायु सेना का सी-130 मालवाहक विमान बर्मा की राजधानी रंगून में उतरा और वॉशिंगटन को आशा है कि इससे तूफान पीड़ितों की मदद करने का एक बड़ा प्रयास शुरू हो सकेगा । अब बर्मा सरकार ने कहा है कि 31,900 से ज्यादा लोगों के मरने की पुष्टि की गई है और 30,000 से ज्यादा लापता हैं ।
अमेरिकी वायु सेना का सी-130 मालवाहक विमान थाई वायु सेना के अड्डे से बोतल बंद पानी, मसहरियां और कंबल लेकर रवाना हुआ । बर्मा की सैन्य सरकार ने पहली बार अमेरिका को राहत सामग्री लाने की इजाजत दी है ।
बिना हथियारों के इस विमान में राहत सामग्री के साथ प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के उच्च कमांडर, एडमिरल टिमोथी कीटिंग गए हैं । उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वह बर्मी सेना के अधिकारियों के लिए एक पत्र ले जा रहे हैं, जिसमें अमेरिकी सैन्य पोतों, हेलीकॉप्टरों और विमानों द्वारा मदद की पेशकश की गई है और जो करीब 91,000 किलो राहत सामग्री रोज पहुंचा सकते हैं ।
उन्होंने कहा कि बर्मा के अधिकारियों से अनुमति मिलने पर हम बर्मा के लोगों को सहायता पहुंचा सकते हैं । इन विमानों और हेलीकॉप्टरों के महिला और पुरुष चालक अच्छी तरह प्रशिक्षित हैं । अनुमति मिलने पर हम बहुत कुशल चिकित्साकर्मी और आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाएं भी लाएंगे । अमेरिका के तीन पोत बर्मा के दक्षिण-पश्चिम समुद्री तट की ओर बढ़ रहे हैं । वे अंतर्राष्ट्रीय समुद्र में रहेंगे और बर्मा के लोगों को और अधिक सामग्री पहुंचा सकते हैं ।
सोमवार को विमान द्वारा 30,000 लोगों की मदद के लिए सामान भेजा गया । अंतर्राष्ट्रीय विकास के लिए अमेरिकी एजेंसी, यूएसएड की अध्यक्ष हेनरियेटा फोर भी विमान में थीं और उन्होंने कहा कि वह और एडमिरल कीटिंग बर्मी सरकार से मिलने के लिए हजारों किमी की यात्रा करके दक्षिण-पूर्व एशिया आए हैं । उन्होंने कहा कि विमान द्वारा सामग्री ले जाने का और उनकी यात्रा का उद्देश्य संबंध सुधारना है और उन्हें आशा है कि बर्मा के नेता उन लोगों के लिए ज्यादा सहायता आने देंगे, जिन्हें इसकी बेहद जरूरत है ।
अमेरिका ने बर्मा में राहत कार्यों के लिए 32 लाख डॉलर से ज्यादा देने का वायदा किया है । अमेरिकी अधिकारियों को आशा है कि मंगलवार को दो अन्य सी-130 विमानों को राहत सामग्रियों के साथ भेजा जा सकेगा और वे उस सामग्री को उतारने की अनुमति मिलने का इंतजार भी कर रहे हैं, जो बर्मी समुद्री तट की ओर बढ़ रहे तीन अमेरिकी नौसैनिक जहाजों में भेजी जा रही है ।
सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय सहायता एजेंसियों ने फिर बर्मी सरकार से राहत कार्यकर्ताओं को वीज़ा जारी करने और अधिक सहायता भेजने की अनुमति देने के लिए कहा, क्योंकि लाखों लोग भूख और रोगों से पीड़ित हैं ।
विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि वह तूफान में जीवित बचे उन लोगों की, जो भूखे हैं, केवल 20 प्रतिशत जरूरतें ही पूरी कर सकता है । इसके साथ ही राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन ने कहा है कि तूफान आने के बाद से बर्मा के बाजारों में चावल की कीमतों में 50 प्रतिशत वृद्धि हो गई है । सहायता एजेंसियां सफाई की बदतर होती स्थितियों और रोग फैलने से लाखों लोगों के मरने की चेतावनी भी दे रही हैं । बर्मा के सबसे अधिक प्रभावित इरावाडी डेल्टा क्षेत्रों में इस हफ्ते के अंत में भारी वर्षा की भविष्यवाणी से उनकी यह चेतावनी और गंभीर हो गई है ।
बर्मा की सैन्य सरकार कम मात्रा में सहायता स्वीकार कर रही है, लेकिन वह बड़ी संख्या में पश्चिमी राहत कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं करने देना चाहती ।