(वी.ओ.ए न्यूज़)
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| Survivors of the cyclone Nargis queue for relief goods in Kyaiklat, 12 May 2008 |
वॉशिंगटन के अनुरोध पर आज भारत ने तूफान पीड़ित बर्मा से अंतर्राष्ट्रीय सहायता स्वीकार करने का आग्रह किया, जिस पर यांगोन ने अपनी इच्छा जाहिर की ।
अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने तीन दिन पहले भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी से फोन पर अनुरोध किया था कि वह अपने बर्मी समकक्ष ऊ न्यान विन से अंतर्राष्ट्रीय और अमेरिकी सहायता स्वीकार करने के लिए कहें ।
आज नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया कि श्री मुखर्जी, जो दुबई की दो दिन की यात्रा पर हैं, ने बर्मा से अनुरोध किया कि वह अंतर्राष्ट्रीय राहत सामग्रियां देश में आने दे । श्री सरना ने बताया कि बर्मा में, जहां कथित तौर पर 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, अधिकारियों ने अंतर्राष्ट्रीय सहायता और चिकित्सा सामग्री स्वीकार करने की इच्छा जताई है ।
यह जानकारी उस समय दी गई है, जब राष्ट्र संघ ने भी बर्मा के सैन्य शासकों से करीब 20 लाख तूफान पीड़ितों की मदद करने के लिए, जो भूख और बीमारियों का सामना कर रहे हैं, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया है ।
श्री मुखर्जी ने बर्मा के विदेश मंत्री विन को बताया कि नई दिल्ली राहत पहुंचाने और पुनर्वास के प्रयासों में बर्मा की सहायता करने के लिए तैयार है । श्री सरना ने बताया कि श्री विन ने भारत की तत्काल और उदार मदद के लिए आभार जताया ।