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| Fakhruddin Ahmed (file photo) |
बांग्लादेश में राजनीतिक पार्टियां निराशा जता रही हैं कि सेना-समर्थित सरकार ने चुनाव प्रचार पर लगे प्रतिबंध पूरी तरह नहीं हटाए हैं । दिसंबर में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों के लिए आंशिक ढील देने की घोषणा की गई है ।
बांग्लादेश की सेना-समर्थित सरकार के मुख्य सलाहकार ने दिसंबर के तीसरे सप्ताह में आम चुनाव कराने की घोषणा की है । परंतु सोमवार को टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम प्रसारित संदेश में श्री फकरुद्दीन अहमद ने कहा कि खुलेआम चुनाव प्रचार करने की स्थिति अभी नहीं आई है । उन्होंने कहा कि बंद कमरे में राजनीति करने की अनुमति तुरंत दी जा रही है । इसका अर्थ है कि राजनीतिक बैठकें की जा सकती हैं, लेकिन बाहर सामूहिक रैलियां करने की इजाजत नहीं दी जा रही है । अतीत में बड़ी सभाओं में हिंसा हुई थी ।
ढाका में इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस स्टडीज की सहायक निदेशक शहनाज़ करीम ने मुख्य सलाहकार की घोषणा को सकारात्मक कदम बताया ।
सुश्री करीम ने कहा कि ये कयास लगाए जा रहे थे कि क्या चुनाव होंगे भी । अब यह कयास बंद हो जाएंगे और देश का ध्यान चुनावों पर केंद्रित होगा ।
परंतु प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के अधिकारी असंतोष जता रहे हैं कि श्री अहमद ने यह उल्लेख नहीं किया कि आपात्काल कब उठाया जाएगा । कार्यवाहक नेता ने कहा था कि ऐसा कदम मतदान से पूर्व सही समय पर उठाया जाएगा ।
राजनीतिक विश्लेषक करीम कहती हैं कि यह उम्मीद करना बहुत अधिक होगा कि कामचलाऊ सरकार तुरंत सारे प्रतिबंध खत्म कर दे ।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां पूरी तरह रियायत दिये जाने की उम्मीद कर रही थीं और यह सचमुच आदर्श होता, लेकिन देश के परिवर्तनशील माहौल को देखते हुए मेरे विचार में सावधानी से बढ़ाया गया यह कदम ज्यादा उचित है ।
कामचलाऊ सरकार के अध्यक्ष ने यह ऐलान भी किया कि राजनीतिक पार्टियों के साथ बातचीत 22 मई को शुरू होगी, परंतु उन्होंने यह संकेत नहीं दिया कि अवामी लीग और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रतिद्वंद्वी नेता, जो दोनों ही पूर्व प्रधानमंत्री हैं, रिहा की जाएंगी या नहीं । देश के दो राजनीतिक वंशों की उत्तराधिकारी शेख हसीना और खालिदा ज़िया को, जिन्हें एक-दूसरे से लड़ने वाली बेगमें कहा जाता है, अंतरिम सरकार द्वारा चलाई गई भ्रष्टाचार-विरोधी मुहिम के तहत गिरफ्तार किया गया था ।
सेना ने देश में महीनों की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद जनवरी, 2007 में सत्ता अपने हाथ में ले ली थी और राजनीति को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने का वायदा किया था ।
ढाका में अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों ने मंगलवार को मुख्य सलाहकार के भाषण को सही दिशा में उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि अमेरिका उन कदमों का स्वागत करता है, जो लोकतंत्र, चुनावों के लिए एक निश्चित समय सीमा और अंतरिम सरकार तथा राजनीतिक पार्टियों के बीच संवाद की ओर उठते हैं ।