अमरीका ने जयपुर में हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों को आतंकवाद की वहशी कार्यवाही कहा है और जांच में सहायता की पेशकश की है । भारत में अमरीका के राजदूत डेविड मलफ़र्ड ने आज भारत के विदेश सचिव शिव शंकर मैनन से भेंट की और अपने देश की ओर से संवेदना व्यक्त की । श्री मलफ़र्ड ने पत्रकारों से कहा कि अमरीका ”निश्चित रूप से हमलों के बाद की स्थिति पर निगाह रखेगा ।” श्री मैनन ने कहा कि अमरीकी राजदूत ने सहायता की पेशकश की और उन्होंने उनसे कहा कि अगर भारत को सहायता की आवश्यकता हुई तो वह अमरीका को ज़रूर बतायेगा ।
श्री मेलफ़र्ड ने कहा “यह बहुत ही दुखद क्षण है ।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “अमरीका बेकसूर नागरिकों पर बेरहमी से किए गए हमलों की निंदा करता है ।” हमलों की निंदा करते हुए श्री मलफ़र्ड ने इसे “आतंकवाद का वहशी कृत्य” कहा ।
इस बीच अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शौन मेककौरमेक ने एक वक्तव्य में कहा कि अमरीका, जयपुर में हुए आतंकवादी हमलों की घोर निंदा करता है । उन्होंने कहा “निर्दोष व्यक्तियों की हत्या के औचित्य का कोई तर्क नहीं है । अमरीका, आतंकवाद मिटाने के लिए चल रही अनवरत लड़ाई, और एक खुला, लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और वैभवशाली समाज सुनिश्चित कराने में भारत और उसकी जनता के साथ है ।
इस बीच अमरीकी संसद में भारत और भारतीय-अमरीकियों के बारे में भारतीय कौकस के रिपब्लिकन सह अध्यक्ष सांसद जो विल्सन ने भी “निराधार” कह कर इन हमलों की निंदा की । वौयस औफ़ अमेरिका की हिन्दी सेवा के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा “बेकसूर नागरिकों पर किये गये यह निराधार हमले, आतंकवादी शत्रुओं की निष्ठुर प्रकृति के प्रतीक हैं जिनसे सभी शांतिपूर्ण देशों को ख़तरा है । भारत और भारतीय-अमरीकियों के संसदीय कौकस के सह अध्यक्ष के रूप में मैं जयपुर के निवासियों और हमलों में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहन सहानुभूति व्यक्त करता हूं । भारत अमरीका का शक्तिशाली और बहुमूल्य साथी है, और हमें इस तरह की हिंसा करने वालों के विरोध में भारत की जनता के साथ खड़ा होना चाहिए ।”