(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
राष्ट्र संघ अधिकारियों के अनुसार, बर्मा के इरावाडी डेल्टा क्षेत्र में समुद्री तूफान आने के दो सप्ताह बाद भी सरकार की ओर से तूफान पीड़ितों को मिल रही सहायता अब भी कम है । इस तूफान में कम-से-कम 34,000 लोग मारे गए थे । पड़ोसी देश थाईलैंड से रॉन कोर्बेन ने खबर दी है कि राष्ट्र संघ अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में ज्यादा सहायता भेजने की अनुमति देने के अंतर्राष्ट्रीय दबाव का असर पड़ता दिखाई दे रहा है ।
राष्ट्र संघ अधिकारियों ने कहा कि बर्मा के तूफान पीड़ितों को अब सहायता मिलने लगी है, लेकिन उन्हें कहीं अधिक सहायता की जरूरत है ।
राष्ट्र संघ समन्वयक राहत एजेंसी की प्रवक्ता अमांडा पिट ने कहा कि अगर सहायता नहीं बढ़ाई गई तो जीवित बचे लोगों को महामारियों का सामना करना पड़ेगा, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है ।
उन्होंने कहा कि 15 से 20 लाख लोग तूफान से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं । उन्हें भोजन, आश्रय, स्वच्छ पानी और चिकित्सा सहायता की बेहद जरूरत है । हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम सहायता जितनी अधिक बढ़ा सकते हैं बढ़ाएं, क्योंकि अभी यह पर्याप्त नहीं है ।
राष्ट्र संघ, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने बर्मा के सैन्य शासकों से आग्रह किया है कि वे इस आपदा से निपटने के लिए ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय सहायता भेजने की अनुमति दें
थाई प्रधानमंत्री सामक सुंदरावेज बर्मा की सेना सरकार से यह आग्रह करने वहां गए कि वे अंतर्राष्ट्रीय राहत कार्यकर्ताओं को ज्यादा वीज़ा दें ।
सुश्री पिट ने कहा कि इस दबाव का असर पड़ रहा है । पिछले कुछ दिनों में कुछ प्रगति हुई है । हमें ज्यादा वीज़ा मिल रहे हैं, प्रभावित क्षेत्रों में ज्यादा भोजन और ज्यादा सहायता पहुंचने लगी है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है ।
राहत अधिकारियों ने बताया कि आपात्कालीन भोजन 74,000 लोगों तक पहुंच गया है । पानी की कमी दूर करने और शौचालय की सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास भी किये जा रहे हैं ।
परंतु टूटी हुई और पानी में डूबी सड़कों के कारण भोजन बांटने में कठिनाई हो रही है, क्योंकि उन पर केवल हल्के ट्रक ही जा सकते हैं । रंगून के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मालवाहक जहाजों से टनों सामान उतारने के लिए जरूरी उपकरणों का भी अभाव है ।
विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रवक्ता मार्कुस प्रीयॉर ने कहा है कि मानसून की बारिश से राहत सामग्री पहुंचाने में और अधिक मुश्किल हो सकती है ।
उन्होंने कहा कि इरावाडी डेल्टा क्षेत्र के मुख्य शहरों के बाहर बहुत सी सड़कें पक्की नहीं हैं और 5 टन का ट्रक भेजने पर भी इन सड़कों को कुछ समय तक इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा ।
उधर बर्मी समुद्री तट के पास एक और तूफान आने की आशंका है । अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के पर्ल हार्बर, हवाई स्थित तूफान चेतावनी केंद्र, जॉइंट टायफून वार्निंग सेंटर ने बुधवार को कहा कि एक नया ऊष्णप्रदेशीय तूफान ऐसे रास्ते पर विकसित हो रहा है, जो उसे बर्मा के इरावाडी डेल्टा क्षेत्र की ओर ले जा सकता है । केंद्र का कहना है कि इस तूफान के अगले 24 घंटों में समुद्री तूफान में विकसित होने की अच्छी-खासी संभावना है
राष्ट्र संघ के मानवीय राहत कार्यक्रम की प्रवक्ता ने कहा है कि एक और समुद्री तूफान आने से करीब 20 लाख बर्मी लोगों को सहायता पहुंचाने के प्रयासों में और बाधा पड़ सकती है, जो 2 और 3 मई को आए नर्गिस तूफान के बाद भोजन और पानी की कमी से जूझ रहे हैं ।