(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
दक्षिण-पश्चिमी चीन में सोमवार को आए भीषण भूकंप के बाद बचाव अभियान जारी है और सरकार ने भूकंप के केंद्र के पास सब ओर से कटे हुए क्षेत्र को विमान द्वारा राहत सामग्री पहुंचाई । बताया जाता है कि 7.9 तीव्रता के इस भूकंप से करीब 15,000 लोग मारे गए हैं । लाखों अन्य लोग अब भी लापता हैं या शायद मलबे के नीचे दबे हुए हैं ।
ग्लोबल रेडियो न्यूज़ के चीन संवाददाता और प्रत्यक्षदर्शी डेनियल शर्फ के अनुसार, भूकंप के बाद केवल मलबे के बड़े ढेर, सीमेंट के टूटे हुए पत्थर, धातु की मुड़ी हुई नलियां, बेघर, हताश और रोते-चिल्लाते लोग ही बचे हैं । उन्होंने बताया कि सिचुआन प्रांत के दुजियांगयान क्षेत्र में उन्होंने लोगों से बात की, जो कुंठित थे ।
श्री शर्फ ने बताया कि यह बहुत बुरा दृश्य है । यह काफी भावुक दृश्य भी है । उन्होंने कहा कि जब बचाव कार्यकर्ताओं ने जीवित बचे एक व्यक्ति को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया तो खुशी के कुछ पल महसूस हुए, लेकिन वे भी तनावपूर्ण हो गए, जब उन लोगों ने, जिनके परिवार के सदस्य अभी तक लापता हैं, कार्यकर्ताओं से वहां रुकने की अपील की ।
श्री शर्फ ने बताया कि जब एक व्यक्ति को उन्होंने जीवित बाहर निकाला तो भीड़ ने तालियां बजाईं और खुशी जाहिर की, लेकिन जल्दी ही उसकी जगह मदद के लिए चीख-पुकार, कार्यकर्ताओं से वहां ठहरने और अन्य लोगों की तलाश करने की अपीलों ने ले ली
सरकारी टेलीविजन ने चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ को सिचुआन के किसी क्षेत्र में भूकंप से बचे हुए रोते हुए लोगों से घिरे हुए दिखाया ।
उन्होंने कहा कि अभी हमें आगे का लंबा रास्ता तय करना है । जब तक लोग जीवित हैं, हम अपने घरों का पुनर्निर्माण कर सकते हैं ।
भूकंप के कारण भूस्खलन हुए, जिससे पहाड़ी सड़कों पर जाना असंभव हो गया है, इसलिए चीन सरकार ने सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में अत्यंत आवश्यक राहत सामग्रियों को विमान द्वारा पहुंचाना शुरू कर दिया है । पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने सिचुआन प्रांत में सेना मुख्यालय पर 11,000 से ज्यादा सैनिक, उपकरण और सामग्री पहुंचाई । उसका कहना है कि उसने पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में सामान विमान से पहुंचाया है ।
चीन की रेड क्रॉस सोसायटी की उपाध्यक्ष सू जूसियांग ने कहा कि आम चीनियों की प्रतिक्रिया मर्मस्पर्शी है ।
उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस के पास 4.45 करोड़ डॉलर हैं, जो नकदी और सामान के रूप में दान में मिले हैं ।
चीन ने सामान और पैसे की विदेशी सहायता के प्रस्तावों का स्वागत किया है, लेकिन उसका कहना है कि वह इस समय अंतर्राष्ट्रीय बचाव दलों को नहीं चाहता, क्योंकि जमीनी स्थितियां अभी भी बहुत खराब हैं ।
बीजिंग में अमेरिकी दूतावास में अमेरिकी राजदूत क्लार्क रेंट ने अमेरिका की ओर से 5 लाख डॉलर के योगदान की घोषणा की ।
उन्होंने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल विनाशकारी घटना के पीड़ितों की मदद के लिए, उन्हें इस संकटपूर्ण समय में सहायता देने के लिए और जितनी जल्दी संभव हो, उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने में मदद देने के लिए किया जाएगा ।
अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस फेडरेशन ने चीन के भूकंप पीड़ितों के लिए पहले एक करोड़ डॉलर की अपील की थी और अमेरिका इसमें योगदान देने वाला पहला देश है ।
चीनी सरकारी मीडिया ने खबर दी है कि एक मुख्य शोधित तेल पाइपलाइन ने 22 घंटे के अंतराल के बाद काम शुरू कर दिया है ।
दुजियांगयान में अधिकारी ज़िपिंगपू बांध और जलाशय में आई दरारों और अन्य नुकसान का निरीक्षण कर रहे हैं ।
उधर फ्रांस स्थित इंस्टीट्यूट फॉर रेडियोलॉजिकल प्रोटेक्शन और न्यूल्कियर सेफ्टी ने भूकंप के केंद्र के पास स्थित परमाणु प्रतिष्ठानों को क्षति पहुंचने की संभावना पर चिंता जताई है ।
वेनचुआंग, जहां भूकंप आया था, में बहुत बड़ी स्थानीय तिब्बती आबादी है । यहां वोलोंग नेचर रिजर्व भी है, जो चीन में विशाल पांडा का सबसे बड़ा प्रजनन केंद्र है ।
हाल के इतिहास में वेनचुआंग भूकंप चीन का दूसरा सबसे घातक भूकंप हो सकता है । अभी पहले नंबर पर 1976 में तांगशान में आया भूकंप है, जिसमें कम-से-कम 2.5 लाख लोग मारे गए थे ।