(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
राष्ट्रपति जॉर्ज बुश इस्राइल पहुंच गए हैं, जो उनकी मध्य-पूर्व की पांच दिन की यात्रा का पहला पड़ाव है । श्री बुश इस्राइल की 60वीं वर्षगांठ के समारोह में भाग लेने और मध्य-पूर्व शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आए हैं, लेकिन इस्राइल के प्रधानमंत्री के खिलाफ आपराधिक जांच चलने के कारण उनके प्रयास बाधित हो सकते हैं ।
इस्राइल पहुंचने पर श्री बुश का गर्मजोशी से स्वागत किया गया । इस्राइल की 60वीं वर्षगांठ मनाने के अलावा वह इस्राइलियों और फिलिस्तीनियों के बीच वार्ता को भी प्रोत्साहित करेंगे ताकि इस वर्ष के अंत तक शांति समझौते का प्रारूप तय हो सके ।
इस साल श्री बुश की यह दूसरी इस्राइल यात्रा है । बेन गुरियन हवाई अड्डे पर इस्राइल के राष्ट्रपति शिमोन पेरेस ने और प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट ने उनका स्वागत किया और अमेरिकी राष्ट्रपति को इस्राइल का सबसे घनिष्ठ सहयोगी बताया ।
श्री ओलमर्ट ने कहा कि अमेरिका हमारे युवा देश के जीवन में हर महत्वपूर्ण मोड़ पर हमारे साथ रहा है औ आशा तथा संकट के पलों में उसने हमारा साथ दिया है । करीब 8 वर्ष पहले राष्ट्रपति बनने के बाद से श्री बुश हमारे सबसे घनिष्ठ सहयोगी और मित्र रहे हैं
श्री बुश ने कहा कि इस्राइल और अमेरिका की जब स्थापना हुई तो दोनों के सामने कड़ी चुनौतियां थीं और दोनों देशों के समान सिद्धांत हैं, जिनके कारण वह सफल हुए हैं ।
यहां पहुंचने के कुछ देर बाद येरुशलम में श्री बुश और श्री ओलमर्ट के बीच द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई, जिसमें इस्राइल और मध्यमार्गी फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की सरकार के बीच शांति वार्ता पर चर्चा की गई । श्री बुश शनिवार को मिस्र के शर्म एल-शेख रिजॉर्ट में श्री अब्बास से मिलेंगे, लेकिन फिलिस्तीनी इस बात से नाराज हैं कि वह फिलिस्तीनी क्षेत्रों की यात्रा नहीं कर रहे हैं, जैसा कि उन्होंने जनवरी में किया था ।
उधर श्री ओलमर्ट के खिलाफ येरुशलम के मेयर पद पर रहते हुए एक अमेरिकी व्यवसायी से रिश्वत लेने के आरोपों की जांच पुलिस कर रही है । श्री ओलमर्ट का कहना है कि वह निर्दोष हैं और दोषी पाए जाने पर इस्तीफा दे देंगे । हिब्रू विश्वविद्यालय में राजनीतिशास्त्र के प्रोफेसर रियूवान हजान ने कहा कि दो वर्षों में भ्रष्टाचार के पांच मामलों की जांच के कारण बहुत से इस्राइलियों को अपने प्रधानमंत्री पर भरोसा नहीं रहा है ।
उन्होंने कहा कि जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, ज्यादातर इस्राइली उन्हें निर्दोष नहीं मानते और उनकी राय में उन्हें पद छोड़ देना चाहिए ।
उधर श्री बुश ने श्री ओलमर्ट पर विश्वास जताते हुए उन्हें एक ईमानदार व्यक्ति कहा और यह भी कहा कि चाहे जो भी हो, इस्राइली-फिलिस्तीनी शांति प्रक्रिया किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं करती ।