 |
| Residents walk past houses destroyed by Cyclone Nargis in Bogalay, Burma. |
अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस ने कहा है कि भारी वर्षा से बर्मा के इरावाडी डेल्टा क्षेत्र में तूफान में जीवित बचे लोगों के लिए नई तकलीफें शुरू हो जाएंगी ।
अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस फेडरेशन और रेड क्रीसेंट सोसायटी के अधिकारियों को डर है कि अगले कुछ दिनों में बारिश होने पर समुद्री तूफान नर्गिस के कारण बेघर हुए लाखों लोगों की हालत बदतर हो जाएगी ।
बैंकॉक में रेड क्रॉस अधिकारियों ने कहा कि मौसमी वर्षा से फिर बाढ़ आएगी और राहत कार्य मुश्किल हो जाएंगे ।
राष्ट्र संघ और सहायता संगठनों को आशंका है कि 2 मई को आए समुद्री तूफान में 1.20 लाख से ज्यादा लोग मारे गए हैं । अब 25 लाख लोगों को पानी, भोजन, आश्रय और चिकित्सा सहायता की बेहद आवश्यकता है ।
थाईलैंड में रेडक्रॉस की समन्वयक जोआना मैक्लीन ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय राहत कार्यकर्ताओं को इस क्षेत्र में जाने की ज्यादा सहूलियत मिलनी चाहिए । उन्होंने चेतावनी दी कि बर्मी राहत कार्यकर्ता और स्वयंसेवक तूफान पीड़ितों की मदद करने के प्रयास में जल्दी ही थक कर चूर हो जाएंगे ।
उन्होंने कहा कि अगर बाहर से इस क्षेत्र को अतिरिक्त सहायता मिल सके या म्यांमार रेड क्रॉस और अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन के साथ काम करने के लिए अतिरिक्त लोगों को यहां लाया जा सके तब यह प्रयास जारी रह सकता है ।
राहत कार्य धीरे-धीरे बढ़ाए जा रहे हैं, परंतु बर्मा की सैनिक सरकार अंतर्राष्ट्रीय सहायता कार्यकर्ताओं को देश में आने देने से हिचक रही है । कुछ सहायता विशेषज्ञों और तूफान में जीवित बचे लोगों ने बताया कि बहुत कम पीड़ितों को सहायता मिली है ।
बर्मा सरकार पर सहायता को अनुमति देने के लिए गहरा अंतर्राष्ट्रीय दबाव पड़ रहा है । राष्ट्र संघ के वरिष्ठ राहत विशेषज्ञ राहत कार्यों के बारे में बातचीत करने बर्मा गए हैं ।
सहायता एजेंसियों की चेतावनियों के बावजूद बर्मी अधिकारियों ने थाईलैंड के प्रधानमंत्री से कहा कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय सहायता कार्यकर्ताओं की जरूरत नहीं है और जीवित बचे लोगों को भूख या रोगों का सामना नहीं करना पड़ रहा है ।
इसके साथ ही बर्मा की सरकार ने कहा कि तूफान से कम प्रभावित क्षेत्रों में कराए गए जनमत संग्रह में 92 प्रतिशत मतदाताओं ने नए संविधान को मंजूरी दे दी है । अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने तूफान से हुई क्षति के बावजूद मतदान कराने के लिए सरकार की आलोचना की थी ।
सरकार ने कहा है कि नया संविधान लोकतंत्र के रास्ते में एक और कदम है । परंतु प्रमुख विपक्षी पार्टी, नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी और अन्य अधिकार संगठनों ने संविधान के प्रारूप की आलोचना की है और कहा है कि यह केवल सेना को सत्ता में बनाए रखने के लिए है ।