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| President Bush addresses the Knesset in Jerusalem. |
अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि अमेरिका और इस्राइल ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं । श्री बुश इस्राइल की 60वीं वर्षगांठ के समारोहों में भाग लेने के लिए इस्राइल आए हैं ।
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि आतंकवादी संगठनों का जाल तोड़ने में और ईरान की परमाणु हथियार बनाने की आकांक्षा का विरोध करने में अमेरिका यहूदी राष्ट्र के साथ है ।
उन्होंने कहा कि विश्व के प्रमुख आतंकवाद प्रायोजक को दुनिया के सबसे घातक हथियार हासिल करने देना भावी पीढ़ियों के साथ अक्षम्य विश्वासघात होगा । उन्होंने कहा कि शांति की खातिर विश्व को ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए ।
ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद का कहना है कि उनके देश का परमाणु कार्यक्रम हथियारों के लिए नहीं, बल्कि बिजली बनाने के लिए है ।
राष्ट्रपति बुश अमेरिका और इस्राइल के बीच विशेष संबंधों को रेखांकित करने के लिए इस्राइल की संसद के विशेष सत्र में बोल रहे थे । 60 वर्ष पहले इसी हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन इस्राइल को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र होने के केवल 11 मिनट बाद औपचारिक मान्यता देने वाले पहले राजनेता थे ।
इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति बुश को आशा है कि वह इस्राइली और फिलिस्तीनी वार्ताकारों को उनके जनवरी में राष्ट्रपति पद छोड़ने से पहले एक अलग फिलिस्तीनी राष्ट्र की रूपरेखा पर सहमत होने के लिए प्रोत्साहित कर सकेंगे ।
परंतु इस्राइली संसद में उन्होंने फिलिस्तीनी राष्ट्र के लिए किसी समयबद्ध कार्यक्रम का जिक्र नहीं किया और न ही इस बारे में कुछ कहा कि उन फिलिस्तीनियों को कैसे संगठित किया जाए, जो गज़्ज़ा पट्टी में हमास संगठन और पश्चिमी तट में फतह संगठन के बीच बंटे हुए हैं ।
अगले 60 वर्षों की कल्पना करते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वह ऐसे फिलिस्तीनी राष्ट्र की कल्पना करते हैं, जो कानून द्वारा शासित हो, जहां मानवाधिकारों का सम्मान हो और आतंकवाद को ठुकरा दिया जाए ।
उन्होंने कहा कि काहिरा से रियाद तक, बगदाद और बेरुत में लोग स्वतंत्र और आत्मनिर्भर समाज में रहेंगे, जहां शांति की इच्छा राजनय, पर्यटन और व्यापार के संबंधों से पोषित की जाएगी । ईरान और सीरिया शांतिपूर्ण देश होंगे, जहां आज का दमन एक पुरानी याद बन कर रह जाएगा, जहां लोग अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र होंगे और अपनी प्रतिभाएं विकसित कर सकेंगे । अल-कायदा, हिज़्बुल्ला और हमास को हरा दिया जाएगा, क्योंकि इस क्षेत्र के मुसलमान आतंकवादियों की कल्पना के खोखलेपन और उनके उद्देश्य के अन्याय को पहचान लेंगे ।
राष्ट्रपति और श्रीमती बुश इस्राइल की 60वीं वर्षगांठ के कई समारोहों में सम्मानित मेहमान हैं । परंतु फिलिस्तीनियों के लिए यह उदास होने का समय है, क्योंकि इस्राइल की स्थापना से वे विस्थापित हो गए थे ।
बुधवार को जब राष्ट्रपति बुश प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट से मिल रहे थे तब गज़्ज़ा पट्टी से उग्रवादियों ने दक्षिणी इस्राइली शहर आश्केलोन के एक शॉपिंग मॉल पर रॉकेट दागा ।
श्री जॉन ऑल्टरमेन वॉशिंगटन के एक सार्वजनिक नीति शोध संगठन, सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में मध्य-पूर्व कार्यक्रम के निदेशक हैं । उनका कहना है कि इस वर्षगांठ के समारोहों में भद्रता की झलक है ।
उन्होंने कहा कि इस्राइल के 60वें जन्मदिवस पर हो रही सारी धूम-धाम के साथ ही एक तरह की कड़वाहट भी है, जो वास्तव में कड़वी-मीठी नहीं है । इस्राइल का 60वां जन्मदिवस जीवित रहने की कहानी तो है, लेकिन विजयी होने की कहानी नहीं है ।
उन्होंने कहा कि इस्राइल अपने 60वें जन्म दिवस पर कहीं अधिक काली संभावनाओं का सामना कर रहा है, जैसा उसने 10 साल पहले अपने 50वें जन्मदिवस पर सोचा भी नहीं होगा । और इस्राइल के इस 60वें जन्म दिवस के साथ यह भावना भी जुड़ी हुई है कि शायद राष्ट्र के तौर पर अपने अस्तित्व के लिए उसे हमेशा ही संघर्षग्रस्त रहना पड़ेगा ।
राष्ट्रपति बुश इसके बाद सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला से बातचीत करेंगे । इसके बाद वह फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास, अफगान राष्ट्रपति हामिद करज़ई, जोर्डन के शाह अब्दुल्ला और मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के साथ अलग-अलग बैठकें करने के लिए मिस्र जाएंगे .