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| Sichuan Earthquake |
चीन के राष्ट्रपति हू जिनताओ शुक्रवार को भूकंप राहत प्रयासों का समर्थन करने के लिए सिचुआन प्रांत पहुंचे । फिलहाल मृतकों की संख्या 22,000 से अधिक है और इसके 50,000 से ज्यादा होने की संभावना है । अब जीवित बचे लोगों की सहायता करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है ।
सिचुआन पहुंचने के बाद श्री हू सीधे भूकंपग्रस्त क्षेत्र में गए । चीनी राष्ट्रपति प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से मिले, जिन्होंने वहां पहुंचने पर उनका स्वागत किया । दोनों नेता सोमवार को आए 7.9 तीव्रता के भूकंप से प्रभावित हुए क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं ।
श्री वेन ने इस भूकंप को चीन में पीपल्स रिपब्लिक की स्थापना होने के बाद सबसे अधिक विनाशकारी बताया ।
सिचुआन जाते हुए विमान में श्री हू ने राहत सहायता का आकलन किया । उन्होंने कहा कि चुनौती अब भी बहुत कड़ी है और काम बहुत मुश्किल है तथा समय बीतता जा रहा है ।
समझा जाता है कि हजारों लोग अब भी ध्वस्त घरों, कार्यालयों और स्कूलों के नीचे दबे हुए हैं । उनमें से बहुत कम के अब भी जीवित होने की आशा है ।
दुजियांगयान शहर में एक बड़ी मशीन से मलबे के बहुत बड़े ढेर से कंक्रीट के पत्थर और धातु की मुड़ी हुई छड़ें निकाली जा रही हैं ।
स्वयंसेवक और बचाव कार्यकर्ता जीवित बचे लोगों की तलाश में एक आवासीय इमारत के मलबे की खुदाई कर रहे हैं ।
चीनी नेताओं ने बचाव कार्य जारी रखने का संकल्प जताया है, लेकिन हर बीतने वाले दिन के साथ जीवित बचे लोगों के मिलने की संभावना क्षीण होती जा रही है ।
बचाव कार्यकर्ता भूकंप के केंद्र तक पहुंच गए हैं और चिकित्सा, भोजन तथा अस्थायी आवास के लिए जरूरी सामान लाए हैं । परंतु यह सामान बहुत कम है और चीन की कमजोर स्वास्थ्य सेवा घायलों की भारी संख्या की सहायता करने की कोशिश कर रही है ।
जीवित बचे लाखों लोग अब सड़कों पर तंबुओं में रह रहे हैं ।
श्री जियांग वीकसिन चीन के आवासीय और शहरी-ग्रामीण विकास मंत्री हैं । उन्होंने बताया कि सिचुआन में 40 लाख से ज्यादा घर ढह गए या नष्ट हो गए हैं ।
निकटवर्ती प्रांतों में लाखों अन्य घर ढह गए ।
श्री जियांग ने कहा कि पानी, सीवर और बिजली के नेटवर्क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं ।
भूकंप के बाद आए हजारों झटकों से भूकंपग्रस्त क्षेत्रों में सड़कों को साफ करने के प्रयासों में बाधा पड़ी है ।
शुक्रवार की दोपहर को भूकंप के केंद्र के पास लिकसियान में 5.9 तीव्रता का झटका आया, जिससे सड़कों से संपर्क कट गया और संचार व्यवस्था ठप हो गई ।