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| Pakistani Ambassador Tariq Azizuddin . |
पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा है कि उग्रवादियों ने अफगानिस्तान में पाकिस्तानी राजदूत को तीन महीनों से ज्यादा समय तक बंधक रखने के बाद रिहा कर दिया है । सरकारी अधिकारियों और तालिबान-समर्थक उग्रवादियों के बीच जारी वार्ता के दौरान रिहाई की गई है ।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने श्री तारिक अज़ीज़ुद्दीन के बिना कोई नुकसान पहुंचाए रिहा होने की पुष्टि की, लेकिन उनकी रिहाई की परिस्थितियों पर बातचीत करने से इन्कार कर दिया है । उनकी छोटी बहन ने पत्रकारों को बताया कि उनका परिवार करीब 56-वर्षीय राजनयिक के तीन महीने से ज्यादा समय तक बंधक रहने के कारण उनकी सेहत के बारे में चिंतित है, लेकिन उनके वापस लौटने पर उन्हें खुशी होगी ।
उन्होंने कहा कि हम उन सभी सरकारी अधिकारियों के आभारी हैं, जिन्होंने इस मामले को खत्म कराने में मदद की है ।
श्री तारिक अज़ीज़ुद्दीन, उनके ड्राइवर और एक अंगरक्षक को अफगान सीमा के पास खैबर कबीलाई क्षेत्र से 11 फरवरी को अगवा कर लिया गया था । पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि पहले एक स्थानीय कबीलाई गुट ने उनका अपहरण किया था, लेकिन बाद में उन्हें दक्षिण वज़ीरिस्तान में तालिबान कमांडर बैतुल्ला महसूद को सौंप दिया था । चार हफ्ते पहले श्री अज़ीज़ुद्दीन उग्रवादियों के एक वीडियो में दिखाई दिये थे और पाकिस्तानी अधिकारियों से अपने अपहरणकर्ताओं की मांगें मान लेने की अपील कर रहे थे ।
पाकिस्तानी सरकार महसूद और अन्य उग्रवादियों के साथ पाकिस्तान के भीतर उग्रवादी हमले बंद कराने के उद्देश्य से शांति समझौते पर बातचीत कर रही है । पिछले हफ्ते पाकिस्तानी सरकार ने अपहृत सैनिकों के बदले कुछ पाकिस्तानी उग्रवादी कैदियों को रिहा कर दिया था ।
अमेरिकी और नाटो अधिकारियों ने चिंता जताई है कि शांति समझौते से उग्रवादियों को सीमा पार अफगानिस्तान में नाटो और अफगान फौजों पर और अधिक हमले करने का समय मिल जाएगा । इस हफ्ते नाटो अधिकारियों ने अप्रैल में उग्रवादी हमलों में तेजी से वृद्धि होने की जानकारी दी थी । उन्होंने कहा कि गठबंधन जल्दी ही पाकिस्तान सरकार के साथ पाकिस्तान में उग्रवादियों के सुरक्षित ठिकानों के बारे में बातचीत करेगा ।