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US Marines fill water bladders aboard USS Essex
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बर्मा सरकार इरावाडी क्षेत्र के पास समुद्री तट के निकट इंतजार कर रहे अमेरिकी नौसैनिक जहाजों से हेलीकॉप्टरों और राहत सामग्री को आने की अनुमति नहीं दे रही । राहत संगठनों ने कहा है कि 3 मई को आए तूफान के बाद, जिसमें करीब 78,000 लोग मारे गए, लगभग 20 लाख लोगों को भोजन, पानी, दवाइयों और अन्य राहत सामग्री की अत्यंत आवश्यकता है । हजारों लोग लापता हैं । वी.ओ.ए के दक्षिण-पूर्व एशिया संवाददाता लुइस रमिरेज़ बर्मी समुद्री तट के पास अमेरिकी जहाज यूएसएस एसेक्स में हैं और यह खबर भेजी है ।
यूएसएस एसेक्स और तीन अन्य अमेरिकी नौसैनिक जहाजों के चालक दल कई दिनों से बर्मी तट से करीब 100 किमी दूर अंडमान सागर में अंतर्राष्ट्रीय समुद्र में इंतजार कर रहे हैं । इन जहाजों में ताजे पानी और दवाइयों के थैले हैं । तूफान प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही सहायता एजेंसियों ने कहा है कि नर्गिस तूफान में बचे लाखों लोगों को इन राहत सामग्रियों की तत्काल जरूरत है ।
एसेक्स के हेलीकॉप्टर भारी मात्रा में राहत सामग्री ले जाने की तैयारी कर रहे हैं । फिलहाल उन्हें कहीं नहीं जाना है । अमेरिकी सेना के मालवाहक विमान थोड़ी मात्रा में सहायता बर्मा के मुख्य शहर रंगून पहुंचा रहे हैं, लेकिन अभी तक बर्मा सरकार ने अमेरिका को हेलीकॉप्टरों द्वारा भारी मात्रा में सामान और उपकरण लाने और इरावाडी डेल्टा क्षेत्र के सुदूर इलाकों में उतरने की इजाजत नहीं दी है, जहां उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है ।
अमेरिका ने कहा है कि वह रोजाना जहाजों पर उत्पादित लाखों लिटर ताजे पानी की आपूर्ति शुरू करने के लिए तैयार है ।
एसेक्स के डेक के नीचे नौसैनिक और मरीन जहाज के पानीशोधक उपकरणों से प्लास्टिक के बड़े थैलों में ताजा पानी भर रहे हैं ।
शीला बर्ड अमेरिका के कैलीफोर्निया राज्य की एक युवा नौसैनिक रंगरूट हैं, जो अपने साथियों के साथ प्लास्टिक के थैलों में पानी भर रही हैं । उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि तूफान पीड़ितों को आवश्यक सहायता पहुंचाने के रास्ते में राजनीति बाधा न बने । उन्होंने कहा कि यह विचार तकलीफदेह है कि जिन लोगों को इस स्वच्छ पानी की बहुत जरूरत है, वे केवल कुछ ही किमी दूर हैं ।
पैटी ऑफिसर क्रिस्टोफर पेवोटो ने कहा कि एक अन्य बड़ी आपदा के बाद राहत अभियान में काम करके उन्हें पता चला कि अमेरिकी सेना और उसके विशाल संसाधन बर्मा के लिए क्या कर सकते हैं ।
उन्होंने कहा कि दो साल पहले मैं इंडोनेशिया में सुनामी के बाद राहत अभियान में शामिल था । लोगों की मदद करके अच्छा लगता है । इससे बहुत फर्क पड़ता है । अगर हम वहां जा सकते और ज्यादा काम कर सकते तो बहुत अच्छा होता । अब हमारे पास पानी है और हम बस यहां बैठे हैं, कुछ कर नहीं रहे हैं, केवल इंतजार कर रहे हैं ।
अमेरिकी सेनाधिकारियों ने कहा कि जहाज अब इस तरह खड़े हैं कि बर्मा के नेताओं से अनुमति मिलने के कुछ ही घंटों में वे विमान उतारने से लेकर अत्याधुनिक ऑपरेशन कक्ष तक, सब कुछ मुहैया करा सकते हैं ।
बर्मी अधिकारियों ने अमेरिकी सरकार से कहा है कि वह इन प्रस्तावों पर विचार कर रहे हैं । विश्लेषकों का कहना है कि बर्मा अमेरिकी मदद स्वीकार करने से हिचक रहा है, क्योंकि सैन्य सरकार अमेरिकी मौजूदगी से डरती है । अमेरिकी नौसेना की रियर एडमिरल कैरॉल पोटेंजर ने बर्मी नेताओं के संदेहों को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा कि मैं उन्हें यहां एसेक्स पर आमंत्रित करना चाहूंगी । हम उन्हें दिखाएंगे कि हम क्या कर सकते हैं और विश्वास का स्तर बनाएंगे । हम बताएंगे कि हम सचमुच मदद करना चाहते हैं और उनके लोगों की तकलीफों को दूर करना चाहते हैं ।
अमेरिकी जहाजों और सैनिकों को, जो आमतौर पर जापान में अमेरिकी अड्डों पर तैनात रहते हैं, इस महीने थाईलैंड के साथ संयुक्त अभ्यास में भाग लेने के तहत बर्मी समुद्री तट जाने का आदेश दिया गया था ।