(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक बुधवार 21 मई को इस्लामाबाद में होंगी । दोनों देशों के बीच समग्र संवाद प्रक्रिया का यह चौथा दौर होगा । पाकिस्तान में मार्च में नागरिक सरकार बनने के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता होगी । भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि वे पाकिस्तान के साथ घुसपैठ और सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे उठाएंगे ।
भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी के अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के साथ वार्ता करने के लिए इस्लामाबाद जाने से एक हफ्ते पहले जयपुर में भीड़ भरे बाजारों में सिलसिलेवार बम-विस्फोट हुए, जिनमें 60 से ज्यादा लोग मारे गए ।
उसी दिन भारतीय सेना ने बताया कि पाकिस्तान ने कश्मीर में 2003 में नियंत्रण रेखा पर हुए संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए उसकी एक चौकी पर गोलीबारी की । पाकिस्तान ने इस आरोप का खंडन किया ।
कश्मीर में, जहां भारत ने कहा था कि विद्रोह समाप्ति की ओर है, अब अधिकारियों ने कहा है कि अचानक सीमा से घुसपैठ में वृद्धि हुई है और कथित तौर पर पाकिस्तान के समर्थन से ऐसा हुआ है ।
पिछले हफ्ते जम्मू और कश्मीर के सांबा सेक्टर में संदिग्ध उग्रवादियों और सैनिकों के बीच हुई गोलीबारी में 8 लोग मारे गए थे । अधिकारियों ने इस हमले के लिए हाल ही में हुई घुसपैठ को जिम्मेदार ठहराया था । शनिवार को भारतीय पुलिस ने दक्षिणी कश्मीर के त्राल क्षेत्र में एक बड़ी झड़प में 6 विद्रोहियों को मार दिया ।
बुधवार को पाकिस्तान में मार्च में सैनिक सरकार बनने के बाद पहली बार होने वाली द्विपक्षीय बातचीत में इन घटनाओं पर चर्चा होने की संभावना है । इससे पहले दोनों देशों ने 2003 में शांति प्रक्रिया शुरू की थी और अब तक वार्ता के तीन दौर हो चुके हैं ।
भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन विदेश मंत्रियों की बैठक से एक दिन पहले अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मिलेंगे । पिछले हफ्ते जयपुर में हुए विस्फोटों के बाद नई दिल्ली में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वास्तव में हमारे लिए घुसपैठ भी एक समस्या है । हम इससे निपटेंगे और पाकिस्तान के साथ भी इस बारे में बातचीत करेंगे । परंतु श्री मेनन ने विस्फोटों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया । उन्होंने कहा कि मैं कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहता । हम अभी जांच कर रहे हैं । एक बार निष्कर्ष निकल आने पर हम फैसला करेंगे कि आगे क्या किया जाए । परंतु पाकिस्तानी पक्ष ने वार्ता के बारे में आशा जताई है और श्री मेनन की टिप्पणियों को तूल नहीं दिया है । गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि वे बातचीत को लेकर बहुत आशावादी हैं और उन्हें कश्मीर सहित बहुत से मुद्दों पर और अधिक प्रगति होने की उम्मीद है ।