(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
हिंद महासागर क्षेत्र में बंदरगाह और समुद्री सुरक्षा के लिए एक नया संगठन बनाया गया है । दक्षिण एशिया क्षेत्रीय बंदरगाह सुरक्षा सहयोग के सदस्य 9 देश हैं, जिनमें भारत और पाकिस्तान जैसे पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भी परस्पर चिंता के मुद्दों पर साथ मिलकर काम करने का असाधारण प्रयास करेंगे । मालदीव से वी.ओ.ए संवाददाता स्टीव हर्मन की रिपोर्ट-
दक्षिण एशिया क्षेत्रीय बंदरगाह सुरक्षा संगठन, सार्पस्को में हिंद महासागर के देश- भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, कोमोरोस, मेडागास्कर, मालदीव, मॉरीशस और ओमान हैं ।
सोमवार को मालदीव के एक सुदूर और खूबसूरत क्षेत्र में इस संगठन का उद्घाटन राष्ट्रपति मैमून अब्दुल गयूम ने किया । देश के 200 आबाद द्वीपों को प्रसारित भाषण में श्री गयूम ने कहा कि ये 9 देश समुद्री खतरों का सामना करते हैं, जिनसे लड़ने के लिए साथ मिलकर निगरानी करना बहुत आवश्यक है । उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग का नया प्रारूप बनाने के लिए यह सम्मेलन बहुत अच्छा अवसर है ।
विश्व का आधा समुद्री यातायात हिंद महासागर क्षेत्र से होता है । इस संगठन को विशेष चिंता तेल के जहाजों को नुकसान पहुंचाए जाने की संभावना की है, जिसके इस क्षेत्र के लिए विनाशकारी आर्थिक परिणाम होंगे । अमेरिका ने इस नए बहुराष्ट्रीय संगठन को सहयोग देने का वायदा किया है, हालांकि वह इसका सदस्य नहीं होगा ।
अमेरिकी तटरक्षक, रियर एडमिरल क्रेग ई.बोन ने कहा कि बंदरगाह और समुद्री सुरक्षा पर साथ मिलकर काम करना आवश्यक है ताकि आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों को पहले से ही रोक कर जीवन बचाए जा सकें और आर्थिक नुकसान रोका जा सके । उन्होंने कहा कि अगर अवैध रूप से मछली पकड़ने, मानव तस्करी और अवैध माल तथा नशीली दवाइयों के परिवहन जैसे अपराधों का सामना साथ मिलकर नहीं किया गया तो आतंकवाद और समुद्री डकैती का सामना भी नहीं किया जा सकेगा ।
उन्होंने कहा कि इस संगठन के गठन से दक्षिण एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र के आतंकवादियों और अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश और चेतावनी मिलेगी कि उनका पता लगा लिया जाएगा, उन्हें सजा दी जाएगी और उनकी गतिविधियों को सहन नहीं किया जाएगा ।
श्रीलंका और मालदीव में अमेरिकी राजदूत रॉबर्ट ब्लेक जूनियर ने भी संगठन के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए कहा कि यह संगठन हिंद महासागर क्षेत्र में बंदरगाहों पर हमला करने की साजिश करने वालों को रोकने के लिए बहुत कुछ कर सकता है ।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के लिए सामान के कंटेनर और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह हमला करने के आकर्षक ठिकाने होते हैं । किसी बंदरगाह पर सफल हमले से उस देश की अर्थव्यवस्था को बहुत क्षति हो सकती है और दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय जहाज परिवहन ठप हो सकता है । इस क्षेत्र में आर्थिक और सुरक्षा सहयोग के लिए कई संगठन बनाए गए हैं, जिनमें सार्पस्को नवीनतम है । फरवरी में भारत ने एक हिंद महासागर नौसैनिक सम्मेलन का आयोजन किया था ।
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन 1985 में बनाया गया था । परंतु आलोचकों का कहना है कि अक्सर ये संगठन प्रस्तावों को लागू नहीं करते, बहुत कम सफलता हासिल करते हैं, उनके पास पैसे की कमी होती है और क्षेत्रीय शत्रुताओं के कारण, खासकर भारत और पाकिस्तान के बीच पारंपरिक दुश्मनी के कारण प्रगति बाधित होती है ।