(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
पश्चिम बंगाल में स्थानीय चुनावों के बाद सोमवार को प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टियों में झड़पें हुईं, जिनमें कम-से-कम 16 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए ।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ग्रामीण और चुनावी कार्यकर्ता तब मारे गए, जब पुलिस ने मतदान केद्रों के पास प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं । पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तर में 200 किमी दूर मुर्शिदाबाद में हिंसा हुई ।
श्री अधीर चौधरी विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेता हैं । उन्होंने पश्चिम बंगाल की मार्क्सवादी सरकार पर एक विपक्षी गढ़ में मतदाताओं को आतंकित करने के लिए चुनावों के दौरान आतंक फैलाने का आरोप लगाया । पश्चिम बंगाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी करीब तीन दशकों से शासन कर रही है ।
श्री चौधरी ने कहा कि बंगाल में सत्तारूढ़ सरकार द्वारा हिंसा फैलाई जा रही है । वे लोगों को आतंकित करने के लिए हिंसा, लूट-पाट, अत्याचार और बलात्कार का सहारा ले रहे हैं ।
पश्चिम बंगाल की वामपंथी पार्टी के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस पार्टी के समर्थकों ने पहले से ही विवादास्पद चुनावों में तनाव बढ़ाने की धमकी मतदान से कुछ दिन पहले दी थी ।
राजनीतिक विश्लेषक सुजॉय धर का कहना है कि सबसे बड़ा मुद्दा चुनावी हिंसा का है, जो भारत के बहुत से शहरों में चुनावों के दौरान होती है । उन्होंने कहा कि हिंसा भारतीय चुनावों का हिस्सा है और हिंसा की यह संस्कृति पश्चिम बंगाल में भी है । शहरी क्षेत्रों के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा हिंसा होती है । मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने एक औद्योगिकरण नीति अपनाई है, जिसमें उद्योगों के लिए खेती की जमीन का अधिग्रहण करना पड़ता है, इसलिए लंबे समय से तनाव चल रहा है । इस बार विपक्ष ने प्रतिरोध करने की कड़ी कोशिश की है ।
पश्चिम बंगाल के इतिहास में इस वर्ष के स्थानीय चुनाव सबसे अधिक हिंसक रहे हैं और मतदान के दौरान कम-से-कम 30 लोग मारे गए हैं । 2003 में हुए चुनावों के दौरान 19 लोगों की मौत हुई थी ।