(वी.ओ.ए न्यूज़)
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| Ambassador Tariq Azizuddin waves to media upon arriving at his residence in Rawalpindi, Pakistan |
पाकिस्तानी तालिबान के प्रवक्ता ने कहा है कि अफगानिस्तान में अपहृत पाकिस्तानी राजदूत की रिहाई सरकार और स्थानीय तालिबान के बीच होने वाले एक समझौते के तहत की गई थी । प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिम कबीलाई क्षेत्रों में दोनों पक्षों द्वारा औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने के बाद वे करीब 330 कैदियों की अदला-बदली करेंगे ।
पाकिस्तानी तालिबान के कमांडर बैतुल्ला महसूद के प्रवक्ता मौलवी उमर ने कल कहा था कि अफगानिस्तान में पाकिस्तानी राजदूत तारिक अज़ीज़ुद्दीन की रिहाई सम्भावित समझौते के तहत की गई थी ।
श्री अज़ीज़ुद्दीन का तीन महीने पहले कबीलाई क्षेत्रों से अपहरण किया गया था और शुक्रवार की शाम को उग्रवादियों ने उन्हें उत्तर वज़ीरिस्तान के राजमक इलाके के अधिकारियों को सौंप दिया था, परंतु आंतरिक मामलों में प्रधानमंत्री के सलाहकार रहमान मलिक ने कहा था कि राजदूत की रिहाई के लिए कोई सौदा नहीं किया गया था ।
उधर मौलवी उमर ने बाजौड़ कबीलाई क्षेत्र से टेलीफोन पर पाकिस्तानी अखबर डॉन को बताया कि तालिबान चाहता है कि सरकार उन 250 उग्रवादियों को छोड़ दे, जो फिलहाल उसकी हिरासत में हैं । इसके बदले विद्रोहियों द्वारा बंधक बनाए गए 80 सैनिकों और सरकारी अधिकारियों को छोड़ दिया जाएगा ।
उमर ने कहा कि शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों पक्ष बंदियों का आदान-प्रदान करेंगे । सरकार और तालिबान के बीच शांति वार्ता जारी है और पिछले हफ्ते पाकिस्तानी सरकार ने 18 सुरक्षाकर्मियों के बदले 50 से अधिक उग्रवादियों को रिहा कर दिया था ।
हालांकि दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता जारी है, इसके बावजूद कल रात तालिबान ने उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत के मर्दान शहर में एक सैन्य अड्डे पर आत्मघाती हमला करके चार सैनिकों सहित 13 लोगों को मार दिया था । तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि यह हमला उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत के दर्रा आदम खेल शहर में चलाए गए सैनिक अभियानों का बदला लेने के लिए किया गया था ।