दक्षिण-पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत में भीषण भूकंप आने के एक हफ्ते से ज्यादा समय बाद भी बचाव कार्यकर्ता लोगों को मलबे से जीवित बाहर निकाल रहे हैं । नवीनतम सरकारी आंकड़ों में 40,000 से ज्यादा लोगों के मरने और 2.47 लाख से ज्यादा लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई है । भूकंप के बाद हुए विनाश के कारण पूरे देश से भारी मात्रा में पैसा और सहायता मिल रही है ।
सुबह 31-वर्षीय मू युआनजियांग को सिचुआन की वेनचुआन काउंटी में मलबे से जीवित बाहर निकाला गया, जहां पिछले सोमवार को शक्तिशाली भूकंप आया था ।
बचाव कार्यकर्ता उन्हें एक नली के जरिये तब तक चीनी का पानी देते रहे, जब तक कि उन्हें बाहर निकालने में कामयाब नहीं हो गए । देश भर में मीडिया के जरिये राहत प्रयासों की अधिकतम जानकारी लाखों चीनी घरों में पहुंच रही है ।
24 घंटे चलने वाले इन समाचारों के जवाब में चीनी लोगों ने रेड क्रॉस और अन्य चीनी परोपकारी संस्थाओं को 24.3 करोड़ डॉलर से ज्यादा का दान दिया है ।
बीजिंग में रेड क्रॉस के कार्यालय में किंडरगार्टन के बच्चे 714 डॉलर से ज्यादा पैसा इकट्ठा करके लाए । उनके पास सिक्कों से भरे प्लास्टिक के थैले थे । उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना जेब खर्च दान कर दिया ताकि भूकंपग्रस्त क्षेत्र के बच्चों की मदद हो सके ।
एक चीनी अध्यापक ने, जिसके सिचुआन में कोई रिश्तेदार नहीं हैं, करीब 43 डॉलर दान किये । उसने बताया कि वह भूकंप के केंद्र के पास के खूबसूरत इलाकों को पहले कभी देखने गया था । उसने बताया कि वहां वह बहुत सारे बच्चों से मिला था । अब इतने सारे मृत बच्चों को देखकर वह बहुत दुखी हो गया । उसने कहा कि मलबे के नीचे से मृत बच्चों को बाहर निकालने का दृश्य सहन नहीं होता ।
चीनी अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि भूकंप के दौरान 7,000 स्कूल पूरी तरह ध्वस्त क्यों हो गए, जिसके कारण हजारों छात्र और अध्यापक भीतर ही मर गए ।
बीजिंग के देहोंग रेलवे स्टेशन के मैनेजर ना डेक्सिन आपदाग्रस्त क्षेत्र को भेजे जाने वाले राहत सामान का निरीक्षण कर रहे थे ।
उन्होंने बताया कि रेल से भेजे जाने वाले सामान में तंबू, दवाइयां, भोजन, इंस्टेंट नूडल्स, सब्जियां, कपड़े और कंबल हैं ।
उन्होंने बताया कि राहत सामग्री से भरे 46 रेल के डिब्बों को सिचुआन प्रांत की राजधानी चेंगदू पहुंचने में दो दिन से ज्यादा लगेगा ।