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Manmohan Singh arrives at The Red Fort in New Delhi,
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समाजवादी पार्टी ने आज स्पष्ट संकेत दिया कि वह संसद
में संप्रग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर उसके पक्ष में वोट नहीं
देगी, लेकिन उसने औपचारिक रूप से कांग्रेस के साथ समझौता होने की घोषणा नहीं की ।
समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने कांग्रेस के
साथ समझौता होने के एक दिन बाद पत्रकारों को बताया कि आज साम्राज्यवाद से ज्यादा
बड़ा खतरा साम्प्रदायिकता से है । हो सकता है कि वामपंथी दल, बहुजन समाज पार्टी,
भारतीय जनता पार्टी और आईएनएलडी के नेता
ओमप्रकाश चौटाला साथ मिलकर वोट दें । उन्होंने कहा कि अगर हमारे वामपंथी साथी बसपा
और भाजपा के साथ मिलकर सरकार को हराना चाहते हैं तो हम कुछ नहीं कहना चाहेंगे,
लेकिन हम यह काम नहीं कर सकते ।
उन्होंने यह कहने से भी इन्कार कर दिया कि अगर संसद
में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया तो उनकी पार्टी क्या करेगी । उन्होंने कहा कि ऐसा
प्रस्ताव आने पर ही हम फैसला करेंगे ।
आज नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री अमर
सिंह ने दावा किया कि अभी तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी या प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह के साथ हुई बातचीत में कांग्रेस के साथ किसी गठबंधन के बारे में
औपचारिक वार्ता नहीं हुई है । उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमारा समर्थन नहीं
मांगा और न ही हमने कोई वायदा किया है । अभी तक हम बाहरी व्यक्ति हैं । श्री करात
और श्रीमती सोनिया गांधी भीतरी व्यक्ति हैं । उन्होंने सरकार बनाई है और इसे चला
रहे हैं । वामपंथी दलों ने केवल चेतावनी दी है, जो एक वर्ष से दी जा रही है । अभी
तक उनका संबंध-विच्छेद नहीं हुआ है ।
परंतु क्षेत्रीय पार्टियों के गठबंधन, यूएनपीए में
समाजवादी पार्टी अलग-थलग पड़ गई है । ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली आईएनएलडी
पार्टी और असम गण परिषद ने भारत-अमेरिकी परमाणु सौदे पर सरकार को समर्थन देने के
समाजवादी पार्टी के फैसले से खुद को अलग कर लिया है ।