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| Indian Prime Minister Manmohan Singh |
केंद्र की कांग्रेस-नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन
सरकार को बचाने की कोशिशें आज और तेज हो गईं और राजनीतिक हलकों में ये कयास लगाए
जा रहे थे कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन और राष्ट्रीय लोकदल के
अध्यक्ष अजित सिंह को विश्वास मत के पक्ष में सरकार को समर्थन देने के एवज में केंद्र
में मंत्री बनाया जा सकता है ।
गौरतलब है कि भारत-अमेरिकी परमाणु समझौते के विरोध
में वामपंथी दलों द्वारा समर्थन वापस लिये जाने के बाद सरकार अल्पमत में आ गई है
और संसद के विशेष दो-दिवसीय सत्र में सोमवार, 21 जुलाई को विश्वास मत प्रस्ताव पर
बहस होगी और 22 जुलाई को मतदान होगा । गठबंधन सरकार को एक-एक वोट जुटाने के लिए
कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है और इस परिस्थिति में झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय
लोकदल, नेशनल कॉन्फ्रेंस और जनता दल-एस जैसी छोटी पार्टियां बहुत महत्वपूर्ण हो गई
हैं ।
543 सदस्यों के सदन में विश्वास मत जीतने के लिए
सरकार को 272 वोटों की जरूरत है, लेकिन लगता है कि अभी उसे लगभग एक दर्जन सांसदों
का समर्थन और जुटाना होगा ।
लोकसभा में मंगलवार को शक्ति परीक्षण से चार दिन
पहले राजनीतिक जोड़-तोड़ की गति बढ़ गई और कुछ सांसदों ने खुलेआम कहा है कि वे
अपनी पार्टी के व्हिप की अवज्ञा करेंगे । इनमें से एक कांग्रेस का और एक समाजवादी
पार्टी का है । एमडीएमके के दो सांसदों ने भी पार्टी का आदेश न मानने का संकेत
दिया है और वे सरकार के पक्ष में वोट दे सकते हैं ।
समर्थन जुटाने की मुहिम में लगी कांग्रेस पर विपक्ष
यह आरोप लगा रहा है कि वह सांसदों की खरीद-फरोख्त कर रही है और कुछ छोटी पार्टियों
की सभी मांगें मंजूर कर रही है । मिसाल के तौर पर, राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष
अजित सिंह की मांग पर लखनऊ हवाई अड्डे का नामकरण उनके पिता चौधरी चरण सिंह के नाम
पर कर दिया गया है । बताया जाता है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन
फिर से केंद्रीय कोयला मंत्री बनना चाहते हैं । उन्हें हत्या के एक मामले में
अभियुक्त करार दिये जाने के बाद यह पद छोड़ना पड़ा था, लेकिन बाद में वह बरी हो गए
थे ।
कांग्रेस ने सांसदों की खरीद-फरोख्त के आरोप का खंडन
किया है ।
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी भी सरकार के खिलाफ
ज्यादा-से-ज्यादा सांसदों को जुटाने की कोशिश कर रही है । यहां तक कि वह अपने
बीमार सांसदों को भी मतदान के दिन सदन में लाने की पूरी कोशिश करेगी ।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी काफी बीमार
हैं और उन्होंने सार्वजनिक समारोहों में भाग लेना बंद कर दिया है । यहां तक कि
उन्होंने पिछले साल 25 दिसंबर को अपने जन्मदिवस पर आयोजित समारोहों में भी भाग
नहीं लिया था, लेकिन 22 जुलाई को वह लोकसभा में तो नहीं आएंगे, पर लॉबी से ही अपना
वोट देंगे । भाजपा के एक प्रवक्ता ने बताया कि इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष और पार्टी
महासचिव से चर्चा की गई है और उनके वोट डालने की व्यवस्था कर दी गई है ।
बताया जाता है कि फिल्म अभिनेता और भाजपा सांसद
धर्मेंद्र को भी लॉस एंजेल्स से वापस लाने की कोशिश की जाएगी, जहां वह एक ऑपरेशन
के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं । भाजपा के दो अन्य सांसद- महेश कनोडिया और
हरीशचन्द्र भी अस्पताल में हैं, लेकिन उन्हें भी वोट डालने के लिए दिल्ली लाने की
कोशिशें की जा रही हैं । भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि हम अपने अस्वस्थ
सांसदों को विश्वासमत पर वोट डालने के लिए लाने की पूरी कोशिश करेंगे ।
आज पंजाब में शिरोमणि अकाली दल ने भी अपने 8 सांसदों
को संप्रग सरकार के खिलाफ वोट देने का व्हिप जारी कर दिया ताकि उसका कोई भी सांसद
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सिख होने के कारण उनके पक्ष में वोट न दे सकें ।
पंजाब के मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल ने आज
पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए कहा कि संप्रग सरकार अब अल्पमत में है और
विश्वास मत के बाद यह साबित हो जाएगा ।
इससे कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं और अभी तक यह
अनुमान लगाना मुश्किल है कि मंगलवार को विश्वास मत पर मतदान का क्या परिणाम होगा ।
यह भी दिलचस्प है कि इस मुद्दे पर करोड़ों रुपये का सट्टा लगना शुरू हो गया है ।
सरकार की जीत पर 60 पैसे और हार पर 2 रुपये का दांव लगाए जाने की खबर है ।