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US Undersecretary of State William Burns before meeting with Iran's chief nuclear negotiator Saeed Jalili and EU foreign policy chief Javier Solana, in Geneva, 19 July 2008
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एक वरिष्ठ अमेरिकी दूत ने पहली बार शनिवार को जिनेवा
में ईरान के साथ उसके परमाणु कार्यक्रम के बारे में वार्ता में भाग लिया ।
विदेश मंत्रालय के अवर सचिव विलियम बर्न्स ने बंद
कमरे में हुई बैठक में ईरान के उच्च परमाणु वार्ताकार सईद जलीली और यूरोपीय संघ
विदेश नीति प्रमुख जेवियर सोलाना के साथ भाग लिया । ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, रूस
और चीन के अधिकारी भी भाग ले रहे हैं ।
वार्ता शुरू होते ही ईरानी अधिकारियों ने तेहरान के
यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को बंद करने से इन्कार कर दिया, जो पश्चिमी देशों की
प्रमुख मांग है ।
ईरानी प्रतिनिधि दल के सदस्य केवान इमानी ने कहा कि
वार्ता के एजेंडा में यह मुद्दा शामिल नहीं है कि ईरान राष्ट्र संघ द्वारा नए
प्रतिबंध न लगाए जाने के बदले अपना संवर्धन कार्यक्रम अस्थायी तौर पर बंद कर दे ।
अभी तक बुश प्रशासन जोर दे रहा था कि वह तब तक ईरान
के साथ परमाणु वार्ता में भाग नहीं लेगा, जब तक कि वह यूरेनियम संवर्धन बंद नहीं
करेगा ।
शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस
ने कहा था कि श्री बर्न्स को वार्ता में भेजना यह संकेत देना है कि अमेरिका तेहरान
के साथ राजनयिक व्यवहार करना चाहता है । परंतु उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका की इस
प्रमुख मांग में कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन बंद करे, जिससे
हथियार बनाने लायक परमाणु सामग्री बनाई जा सकती है ।
बातचीत से पहले ईरानी विदेश मंत्री मनोचेहर मोत्ताकी
ने कहा था कि उन्हें आशा है कि आज की बैठक में व्यक्त किये गए दृष्टिकोणों से
भविष्य में बातचीत हो सकेगी ।
अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगी ईरान पर परमाणु
हथियार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हैं । ईरान का कहना है कि उसका परमाणु
कार्यक्रम शांतिपूर्ण है ।