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| IRAQ, Baghdad |
पिछले कुछ महीनों में इराक में हिंसा में नाटकीय
गिरावट आई है । गठबंधन फौजों ने इराक में अल-कायदा को निशाना बनाया है और उसकी
संख्या तथा क्षमताओं में काफी कमी कर दी है । अब अमेरिकी और इराकी फौजें एक अन्य
समस्या को दूर करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं- उस संगठन को, जो ईरान से इराक
में हथियारों की तस्करी करता है, शिया चरमपंथी गुटों को रॉकेटों, मिसाइलों और
मोर्टारों की आपूर्ति करता है ।
अमेरिका सेना की 10वीं माउंटेन डिवीजन के कमांडर,
अमेरिकी मेजर जनरल माइकेल ओट्स ने कहा है कि ईरान से हथियारों की तस्करी इराक में
अंतिम बड़ा खतरा बचा है । इराकी मेजर जनरल
अली सलीह फारहुद ओथमान के साथ एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में जनरल ओट्स ने चरमपंथी
लड़ाकों, जो गठबंधन फौजों तथा इराकी सरकार के लिए खतरा हैं, को समर्थन देने के
ईरान के विनाशकारी आचरण के बारे में बताया ।
"हमें ईरान के बुरे प्रभाव, मुख्य रूप से उन घातक हथियारों के हस्तांतरण को, जो
अधिकतर दक्षिणी इराक के रास्ते आता है, खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत
है ।"
इराक की आठवीं आर्मी डिवीजन के कमांडर, जनरल ओथमान
ने कहा कि ईरान द्वारा प्रशिक्षित और हथियारों से सुसज्जित विशेष गुट इराक की
स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं । एक दुभाषिये की मदद से बोलते हुए जनरल ओथमान
ने कहा कि ये गुट युद्ध क्षेत्र में इराकी फौजों का सामना नहीं करेंगे और बहुत से
ईरान में छिपे रहते हैं । परंतु उन्होंने कहा कि वे विस्फोटक (आईईडी) रखते हैं और
हमारी फौजों पर पीछे से वार करने की कोशिश करते हैं ।
"ईरानी उन्हें प्रशिक्षण देते हैं, हथियार देते हैं, उनकी जरूरत के आवश्यक
सामान मुहैया कराते हैं । इसके बाद वे उन्हें हमारी सीमाओं से वापस कुछ लक्ष्यों
और राजनेताओं या हमारे सेनाधिकारियों की हत्या करने के लिए भेज देते हैं ।"