एक अमेरिकी सहायता संगठन समुदाय के लिए तैयार किये गए अपने कार्यक्रमों के सभी भागों से महिलाओं को जोड़ने का काम करता आ रहा है । इसके दूरगामी परिणाम सामने आए हैं । इस सप्ताह, आज, अपने कार्यक्रम के नए पॉलिसी ब्रीफ हिस्से में हम उसकी पड़ताल करेंगे ।
विकासशील देशों में आर्थिक अवसरों के जरिये महिलाओं का सशक्तिकरण मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है । मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन, एमसीसी अमेरिका सरकार का एक निगम है, जो इस सिद्धांत पर आधारित है कि आर्थिक सहायता तब सबसे अधिक प्रभावी होती है, जब वह अच्छे प्रशासन, आर्थिक स्वतंत्रता और जनता में पूंजीनिवेश को बढ़ावा दे । एमसीसी यह तय करने के लिए कि कौन देश सहायता के योग्य है, तीसरे पक्ष से इसक निष्पक्ष आकलन करवाता है । वर्ष 2004 में स्थापना के बाद से एमसीसी अब तक कई सालों के लिए फंडिंग के अनेकों समझौतों को स्वीकृति दे चुका है । इस मद में 18 देशों में छह अरब डॉलर से अधिक खर्च किया जाएगा ।
मेडागास्कर में एमसीसी कोष का उपयोग महिलाओं को कर्ज देने में किया जाता है ताकि वे छोटे व्यापार की शुरुआत और उसका विस्तार कर सकें ।
शिरीन ताहिर-खेली महिला सशक्तिकरणों मामलों के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री की वरिष्ठ सलाहकार हैं । उनका कहना है कि महिलाओं की मदद किये जाने का सभी समुदायों पर गहरा प्रभाव पड़ता है ।
शिरीन ताहिर-खेली- जब महिला उपार्जन करने वाली बन जाती हैं, चाहे वह बहुत छोटे पैमाने पर ही क्यों न हो, इससे परिवार के भीतर, और समुदाय के भीतर और समाज के भीतर के समीकरण में बदलाव आता है । यह एक तात्कालिक प्रभाव है ।
निकारागुआ में, एक एमसीसी की आर्थिक सहायता से जारी वाणिज्यिक वन्य परियोजना से व्यापार में शामिल 10 महिलाओं द्वारा पौधे के एक नर्सरी के प्रबंधन में मदद मिली । बुर्कीना फासो में महिलाओं के अनुकूल सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नए स्कूल बनाए गए ।
मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन महिलाओं को गरीबी से बाहर निकलने एवं उनके लिए दीर्घकालीन रोजगार का निर्माण करने में मदद को लेकर अमेरिकी प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है ।