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| Herat Province, Afghanistan |
अफगानिस्तान में अमेरिका के राजदूत विलियम वुड ने कहा है कि अफगानिस्तान के भविष्य के लिए खेती अभी जितना महत्वपूर्ण हो गया है उतना पहले कभी नहीं था। खेती सिर्फ विकास व जीवन स्तर में सुधार के लिए ही नहीं बल्कि इसलिए भी जरूरी है क्योंकि, यह देश जो खाद्य पदार्थों का निर्यात कर सकता है, खाद्य पदार्थों के संकट से गुजर रहा है । काबुल में एक कृषि मेले को संबोधित करते हुए राजदूत वुड ने कहा- दुख की बात है कि अफगानिस्तान की कुछ सबसे अच्छी जमीनों को अपराधियों ने वैध कृषि से दूर कर रखा है । तालिबान हिंसा की वजह से बांध व सिंचाई जैसे कई सुधारात्मक कदम रुके पड़े हैं ।
खाद्य संकट को रोकने के लिए अमेरिका पहले ही खाद्य सहायता के रूप में अफगानिस्तान को 90 हजार मीट्रिक टन से अधिक की सहायता दे चुका है । इस जाड़े में बर्फ गिरने की शुरुआत होने के पहले और सहायता अमेरिका की तरफ से और सहायता आ जाएगी ।
अफगानिस्तान की भोजन की लंबे समय की जरूरतों को पूरा करने में मदद के लिए अमेरिका, अफगानिस्तान सरकार व वहां की जनता के साथ मिलकर एक व्यापक कृषि रणनीति तैयार करने में जुट गया है । पूरे देश में प्रांतीय पुनर्निर्माण टीमों के साथ अमेरिकी कृषि मंत्रालय के विशेषज्ञ तैनात हैं । वे स्थानीय समुदायों के साथ मिल कर कृषि उत्पादन एवं ग्रामीण आय को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं । काबुल में कृषि मेला भी उसी रणनीति के तहत आयोजित किया गया है । राष्ट्रपति हामिद करजई ने खाद्य पदार्थों की पैदावार को बढ़ाने का आह्वान किया है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को बढाने एवं किसानों को बेहतर बीज व खाद पाने में मदद कर कृषि मेलों ने यह काम पहले से शुरू कर दिया है।
इन मेलों में नए व्यापार सौदों के जरिए अफगानिस्तान के कृषि क्षेत्र के लिए 1 करोड़ डॉलर की आय हो चुकी है । इस पैसे से ये मेले आय बढ़ा रहे हैं, किसानों के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं और आर्थिक विकास को गति देने का काम कर रहे हैं । श्री वुड ने काबुल में कृषि मेले में भाग लेने वालों को संबोधित करते हुए कहा- अफगानिस्तान फलों, बादामों व सब्जियों की पैदावार के लिए जाना जाता है । इस मेले में 65 से अधिक इंटरनैशनल व्यापार संगठनों की भागीदारी से यह साफ है कि अफगानिस्तान में दुनिया की रूचि में खासा इजाफा हुआ है ।
श्री वुड ने ऐसे माहौल को बनाने की जरूरत पर बल दिया जो निवेश के अनुकूल हो और उसे आकर्षित कर सके । कुछ प्रोत्साहनों की जरूरत है, जिनमें कर्ज की उपलब्धता, कम दर पर कर्ज व लाइसेंस लेने के रास्ते में खड़ी बाधाओं का दूर किया जाना, जमीन पर मिल्कियत से जुड़े मुद्दों का फौरी हल आदि शामिल हैं ।
उन्होंने कहा- यहां व्यापक
अवसर मौजूद हैं । अगर व्यापारी और सरकार चाहें तो वे मिल कर निजी निवेश के प्रोत्साहन के लिए सही कानून और नीतियां बनवा सकते हैं ।