President-elect Obama on the night of his election
अमेरिका के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण कहे जाने वाले चुनावों में श्री बराक
हुसैन ओबामा अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति चुने गए ।
इस साल राष्ट्रपति चुनावों में लगभग 13.5 करोड़ अमेरिकियों ने मतदान किया ।
इनमें से करीब 52 प्रतिशत ने अपने वोट श्री ओबामा को दिये, जो केन्याई पिता और
अमेरिकी माँ के बेटे हैं, और ऐसा करके उन्होंने अमेरिका के पहले अफ्रीकी-अमेरिकी
राष्ट्रपति को चुन लिया ।
हर नस्ल और रंग के बहुत से अमेरिकियों के लिए, यह नस्लीय समानता की दिशा में
शताब्दियों लंबी यात्रा में, पक्षपातपूर्ण कानूनों को समाप्त करने के लिए दशकों के
सामाजिक और राजनीतिक सक्रिय अभियान में, समाज की धारणाएं बदलने में, और हर अमेरिकी
के लिए, चाहे वह किसी भी नस्ल, लिंग और सामाजिक हैसियत का हो, अवसर के द्वार खोलने
की राह में महत्वपूर्ण मील का पत्थर था । राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार
जॉन मैककेन ने पराजय स्वीकार करते हुए अपने भाषण में जो घटना सुनाई, उससे यह बात
अच्छी तरह स्पष्ट हो जाती हैः
"एक शताब्दी पूर्व, राष्ट्रपति थियोडोर रूज़वेल्ट ने श्री बुकर टी. वॉशिंगटन को
व्हाइट हाउस में भोजन पर आमंत्रित किया तो बहुत से वर्गों में नाराज़गी जताई गई थी
। आज का अमेरिका उस समय की क्रूर और दंभी धर्मान्धता से बहुत दूर है । इसका प्रमाण
एक अफ्रीकी-अमेरिकी के अमेरिका का राष्ट्रपति चुने जाने से बेहतर कुछ नहीं हो सकता
।"
अपने विजय भाषण में, निर्वाचित राष्ट्रपति ओबामा ने इस भावना को अधिक
प्रगतिशील शब्दों में दोहरायाः
"अगर कोई ऐसा है, जिसे अब भी संदेह है कि क्या अमेरिका ऐसा स्थान है, जहां सब
कुछ संभव है, जो अब भी सोचता है कि क्या हमारे पूर्वजों का सपना हमारे समय में
जीवित है, जो अब भी हमारे लोकतंत्र की ताकत पर सवाल उठाता है, तो आज की रात उसका
जवाब है ।"
निवर्तमान राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने निर्वाचित राष्ट्रपति ओबामा को
बधाई देते हुए अपने भाषण में कहा," चाहे उन्होंने वोट किसी
को भी दिया हो, पर सारे अमेरिकी इतिहास रचे जाने पर गर्व कर सकते हैं । उन्होंने
हमें देख रहे विश्व को अमेरिका के लोकतंत्र की ऊर्जा और एक अधिक पूर्ण संघ की दिशा
में बढ़ाए गए कदम दिखा दिये । उन्होंने ऐसा राष्ट्रपति चुना, जिसकी यात्रा अमेरिकी
कहानी की विजय का प्रतिनिधित्व करती है-जो कड़ी मेहनत, आशावाद और हमारे राष्ट्र की
अपार संभावनाओं में विश्वास का प्रमाण है ।"
अब चुनाव संपन्न
हो चुके हैं, विजेता चुना जा चुका है, और दोनों पक्षों को साथ मिल कर अमेरिका के
सामने खड़ी समस्याओं को हल करना है । जैसा कि निर्वाचित राष्ट्रपति ओबामा ने अपने
विजय भाषण में कहा, "राष्ट्रपति लिंकन ने हमारे से अधिक विभाजित देश से कहा था,
हम शत्रु नहीं हैं बल्कि मित्र हैं । हो सकता है कि आवेश ने तनाव पैदा किया हो,
लेकिन इसे हमारे स्नेह के बंधनों को नहीं तोड़ना चाहिए ।"