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| Terrorism |
अमरीकी विदेश मंत्री कांडोलीजा राइस भारत और पाकिस्तान के नेताओं से मिलीं और उन्होंने आतंकवादी हमलावरों को न्याय के कटघरे में लाकर खडा करने में अमरीका द्वारा सहायता करने का संकल्प किया.
२६ नवम्बर को मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में १७० से अधिक लोग मारे गए और २९० से अधिक घायल
हुए हैं. ३ दिसम्बर को नई दिल्ली में जारी एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुख़र्जी और
कांडोलीजा राइस ने कहा " इस समय अमरीका लोगों के हृदय की गहन भावनाएं समझ सकता है -उसे ग्यारह
सितम्बर २००१ को अमरीका पर हुए आतंकवादी हमलों का अनुभव प्राप्त है. "
इस बार २६ नवम्बर को मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में ऑस्ट्रेलिया , कनाडा , चीन, जर्मनी, इस्राइल , जापान ,
सिंगापुर, थाईलैंड ,और ब्रिटेन के नागरिकों के अलावा ६ अमरीकी भी मारे गए हैं.
४ दिसम्बर को रावलपिंडी- पाकिस्तान में एक प्रेस सम्मलेन के दौरान कांडोलीजा राइस ने कहा कि उन्होंने
राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और पाकिस्तान के अन्य नेताओं से मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के बारे में बातचीत की है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उन आतंकवादियों को पकड़वाने में अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी
जिन्होंने इस वीभत्स कृत्य के लिए पाकिस्तान की सरज़मीं का इस्तेमाल किया है और पाकिस्तान जो स्वयं भी आतंकवादी हमलों का भुक्त भोगी है ,आतंकवादियों के खिलाफ कार्यवाई करने के प्रति वचन बद्ध हो गया है.
७ दिसम्बर को अमरीकी टेलिविज़न को दिए अपने इंटरव्यू में सुश्री राइस ने कहा कि अमरीका इस सम्बन्ध में सूचनाये आपस में बांटने और मुंबई हमलों के आतंकियों को पहचानने कि लिए अदालती सहायता देने को तैयार है.
हम आशा करते हैं कि सभी जिम्मेदार देश आतंकियों को न्याय के कटघरे में लाने के अभियान में हमारी सहायता करेंगे सुश्री राइस ने कहा कि ऐसा करने के लिए पाकिस्तान विशेष रूप से जिम्मेदार है और उसे इस मामले में
पारदर्शिता बनाये रखनी होगी.,
हाल के वर्षों में भारत और पाकिस्तान दोनों आतंकवादियों का निशाना बन चुके हैं. २००१ में भारतीय संसद पर
हमला हुआ, २००७ में पाकिस्तान की पूर्व प्रधान मंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या की गई , पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर
सीमान्त प्रान्त और बलूचिस्तान में बम हमला हुआ साथ ही भारत के नई दिल्ली और जयपुर शहरों में भी
बम हमले हुए . २००८ में आतंकवादी हमलों के दौरान पाकिस्तान में ३१०० से अधिक और भारत में १४०० लोगों
की मृत्यु हुई है. हममे से बहुत से लोगों को इस आतंकवाद का अनुभव है. सुश्री राइस ने कहा कि हम आतकवादियों को हराने के लिए अपने निश्चय पर एक जुट होकर खड़े हैं .