VOANews.com

वॉयस ऑफ़ अमेरिका ▪ Hindiहमें पढ़ें, सब कुछ जानें

11 नवम्बर  2009 

वीओए में आज :

समाचार ४५ भाषाओं में
Editorials - The following is an Editorial Reflecting the Views of the US Government
अफ़ग़ान बच्चों का ख़तरे से भरा जीवन
20/12/2008

Afghan boy stands in front of group of U.S. soldiers (File photo)
Afghan boy stands in front of group of U.S. soldiers
अफ़ग़ानिस्तान में बच्चों और सशस्त्र संघर्ष की स्थिति के बारे में राष्ट्रसंघ सुरक्षा परिषद को दी अपनी पहली रिपोर्ट में राष्ट्रसंघ महा सचिव बान की मून ने कहा कि युद्ध से क्षत विक्षत देश अफ़ग़ानिस्तान में बच्चों की हत्याएं, उनका शोषण और उनके साथ दुर्व्यवहार बढ़ता जा रहा है ।

रिपोर्ट के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान में लगभग तीस वर्षों से जारी सशस्त्र संघर्ष में सशस्त्र सेना में बच्चों का इस्तेमाल एक गंभीर समस्या रही है । अफ़ग़ान सरकार ने सशस्त्र सेना में बच्चों का इस्तेमाल बंद कर दिया है और उसने सन् 2003 में लगभग 7,500 अल्पायु सैनिक कम किए । रिपोर्ट के अनुसार तालेबान अभी भी बाल सैनिकों की भर्ती जारी रखे है, न केवल लड़ाका सैनिकों के रूप में बल्कि आत्मघाती बममार के रूप में भी । अब तक कथित रूप से जितने भी बच्चों का आत्मघाती बममार के रूप में इस्तेमाल किया गया है उनकी आयु 15-16 वर्ष की थी जिन्हें बहला फुसला कर, उन्हें धन का प्रलोभन देकर या ज़बरदस्ती आत्मघाती बममार बनने को मजबूर किया गया था ।

अफ़ग़ानिस्तान के सामने एक और व्यापक समस्या भी है । युद्ध नेताओं और सशस्र दलों द्वारा बच्चों के साथ यौन दुराचार, विशेष रूप से लड़कों के साथ । रिपोर्ट के अनुसार “बच्चों के प्रति हिंसा, विशेष रुप से यौन संबंधी हिंसा”, अधिकतर अस्थिरता के समय में होती है । “बच्चा बाज़ी” यानी बच्चों के साथ खिलवाड़ में बालकों को एक जगह इकट्ठा कर लिया जाता है और युद्ध नेता तथा शस्त्रधारी सैनिक उनका इस्तेमाल उनके साथ यौन दुराचार और समाज को नुक़्सान पहुंचाने वाले मनोरंजन के लिए करते हैं । राष्ट्रसंघ महा सचिव की रिपोर्ट में कहा गया है कि निगाह रखने वाले और रिपोर्ट देने वाले कार्यदल ने कुछ छोटे दलों को सज़ा देने की पुष्टि की है और कुछ और प्रयास किये जा रहे हैं जिनमें बच्चों के साथ यौन दुराचार के बारे में पता लगाना भी शामिल है । लेकिन क़ानून लागू करने वाले अधिकारियों और मानवाधिकार सक्रियवादियों ने हिंसा रोकने, और बच्चों के साथ यौन दुराचार रोकने में आने वाली कठिनाइयों का ज़िक्र किया है ।

अगर अफ़ग़ानिस्तान अच्छा भविष्य चाहता है तो उसे बच्चों की रक्षा करनी होगी । बच्चों के जन्म के समय उनका सर्टिफ़िकेट बनाया जाना चाहिए जिससे पता चल सके कि उनकी आयु लड़ाका सैनिक बनने की नहीं है, और कम उम्र के बच्चों की सेना में भर्ती संबंधी क़ानून भी बदले जाने चाहिए । इसी तरह, जैसा कि रिपोर्ट में भी सुझाव दिया गया है, अफ़ग़ानिस्तान की सरकार को यौन संबंधी हिंसा रोकने, और ऐसा करने वालों को सज़ा दिये जाने के क़ानूनों और कार्यक्रमों को पूरी तरह लागू करे तथा शोषण का शिकार हुए बच्चों की सहायता करनी चाहिए । लड़कों के साथ साथ लड़कियों के साथ भी हुए यौन दुराचार पर निगाहरखी जानी चाहिए, और “बच्चा बाज़ी” सहित नुक़सान पहुंचाने वाली अन्य हरकतों पर निगाह रखने और उन्हें रोकने के लिए राष्ट्रसंघ के साथ मिल कर काम करना चाहिए । इस काम में अफ़ग़ानिस्तान के धार्मिक नेताओं और नागरिक समाज का योगदान भी आवश्यक है ।


E-mail This Article यह आलेख ई मेल करें
Print This Article प्रिंट करने के पहले यहां देखें