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| Awami League party President Sheikh Hasina addresses her supporters outside her residence in Dhaka, 01 Jan 2009 |
बांग्लादेश में सफल संसदीय चुनावों से वहां लोकतंत्र की दिशा में एक बड़ा क़दम उठा लिया गया है । बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान निष्पक्ष और स्वतंत्र रहे । प्रमुख चुनाव आयुक्त शमसुल हुदा ने कहा कि लगभग पन्द्रह सौ विदेशी और दो लाख स्थानीय प्रेक्षकों ने चुनाव प्रक्रिया पर निगाह रखी । चुनाव अधिकारियों ने कहा कि देश के आठ करोड़ दस लाख योग्य मतदाताओं में से सत्तर प्रतिशत से अधिक ने मतदान किया ।
चुनाव आयोग ने अभी अंतिम चुनाव परिणामों की घोषणा नहीं की है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि भूतपूर्व प्रधान मंत्री शेख़ हसीना के अवामी लीग गठजोड़ को संसद की तीन सौ सीटों में से काफ़ी अधिक सीटें प्राप्त हुई हैं । नई संसद, एक ग़ैर सैनिक, मंत्रिमंडलीय सरकार का चयन करेगी जो सेना समर्थक मौजूद अंतरिम सरकार का स्थान लेगी जिसने जनवरी 2007 में सत्ता संभाली थी । व्यापक हिंसाचार और दंगों का हवाला देकर सैनिक सरकार ने 22 जनवरी 2007 में होने वाले चुनाव रद्द कर दिए थे ।
नई सरकार के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं –खाद्य पदार्थों के बढ़े हुए मूल्य, विश्व व्यापी आर्थिक संकट, भृष्टाचार और आतंकवाद । अमरीकी विदेश मंत्रालय के कार्यवाहक उप प्रवक्ता गौर्डन डुगुइड ने कहा “निर्वाचित व्यक्तियों को अपने आपको बांग्लादेश की जनता के प्रतिनिधि की भूमिका निभाने के लिए तैयार करना चाहिए जबकि असफल व्यक्तियों को राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेना जारी रखना चाहिए ।” उन्होंने यह भी कहा कि “चाहे वह सरकार में हों या प्रतिपक्ष में, बांग्लादेश के बेहतर भविष्य के निर्माण में सहायता करने में सभी राजनीतिक पार्टियों की महत्वपूर्ण भूमिका है ।
श्री डुगुइड ने ध्यान दिलाया कि अमरीका बांग्लादेश में संसदीय चुनावों की सफलता का स्वागत करता है । श्री डुगुइड ने कहा “चुनाव अभियान के दौरान और मतदान के दिन उम्मीदवारों और मतदाताओं ने जिस तरह अपनी ज़िम्मेदारी निभाई उसकी हम प्रशंसा करते हैं । सभी बांग्लादेशी इन चुनावों की सफलता पर गर्व कर सकते हैं ।”
अमरीका, उन सुधारों को आगे बढ़ाने की आशा कर रहा है जिन्हें बांग्लादेश में व्यापक लोकप्रिय समर्थन मिला है । अमरीका बांग्लादेश और बांग्लादेश की जनता को समर्थन देना जारी रखेगा जो अपने देश के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं ।