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| An Afghan election official registers Afghan men for their voter identity cards at the voter registration office in Kabul, Afghanistan |
अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्र चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि राष्ट्रपतीय और प्रांतीय परिषदों के लिए मतदान 20 अगस्त 2009 को होंगे. निर्णय लेने के पहले आयोग ने व्यापक रूप से चुनावों के संभार तंत्र और सुरक्षात्मक पहलुओं के बारे में सलाह मशविरा किया. स्वतंत्र चुनाव आयोग के निदेशक, अज़ीज़ुल्लाह लूदीन ने कहा कि आयोग ने इस बात का ध्यान रखते हुए कि अधिक से अधिक अफ़ग़ानी मतदान में भाग ले सकें, सबसे पहली तिथि निर्धारित की है.
उत्तर अतलांतिक संधि संगठन के प्रवक्ता जेम्स अप्पाथुराई ने कहा कि निर्धारित तिथि से नेटो को “चुनाव सुचारु रूप से सुनिश्चित कराने में अफ़ग़ान सरकार के सुरक्षा प्रयासों में सहायता करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा.” नेटो के नेतृत्व वाली 50,000 सैनिकों की अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता सेना, अफ़ग़ान जनता की सुरक्षा आश्यकताओं को पूरा करने के लिए अफ़ग़ान सरकार के साथ मिल कर काम कर रही है.
अमरीका ने स्वतंत्र चुनाव आयोग के निर्णय का स्वागत किया और स्वतंत्र, निष्पक्ष, और सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित कराने में अपने पूर्ण समर्थन का वचन फिर दोहराया. अफ़ग़ान सुरक्षा सैनिकों की सहायता करने, और मतदाताओं के पंजीकरण स्थलों की सुरक्षा में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता सेना की मदद करने के अलावा अमरीका ने देश की मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया के समर्थन में छह करोड़ पचास लाख डौलर से अधिक का अनुदान दिया है. अमरीका ने लगभग चालीस लाख नए मतदाताओं के सफल पंजीकरण के लिए आयोग को बधाई दी और कहा कि हम पंजीकरण प्रक्रिया में अपना योगदान जारी रखेंगे.
नौ अक्टूबर 2004 को अफ़ग़ानिस्तान में पहले लोकतांत्रिक राष्ट्रपतीय चुनाव हुए थे. अस्सी लाख से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया जिनमें 41 प्रतिशत से अधिक महिलाएं थीं. 18 सितंबर 2005 को “वूलेसी जिरगा” यानी अफ़ग़ानिस्तान की नई राष्ट्रीय सभा के निचले सदन और देश की 34 प्रांतीय परिषदों के लिए चुनाव हुए. इन चुनावों में बारह करोड़ पचास लाख पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 53 प्रतिशत ने मतदान किया.
अमरीका, अफ़ग़ान जनता के स्वतंत्र, निष्पक्ष, और सुरक्षित चुनावों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा करने में नेटो मित्र देशों के साथ मिल कर काम करने को हमेशा की तरह पूरी तरह कृत संकल्प है.