अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के चिकित्सकों के एक दल ने आज गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि वरिष्ठ माओवादी नेता कोबाद घांदी का नॉरको परीक्षण करना संभव है. न्यायालय ने इस मामले में 31 अक्टूबर तक अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है.
दिल्ली पुलिस ने मुख्य महानगरीय न्यायाधीश कावेरी बावेजा से कोबाद घांदी का नारको परीक्षण करने की अनुमति मांगी थी. पुलिस ने कहा था कि ये 59 वर्षीय माओवादी नेता पूछताछ में पुलिस से सहयोग नहीं कर रहा है.
माओवादी नेता की आयु को देखते हुये न्यायाधीश ने एम्स के चिकित्सकों की राय जाननी चाही थी. एम्स के चिकित्सकों ने कहा कि माओवादी नेता आसानी से नारको परीक्षण को सहन कर सकता है.
लेकिन चिकित्कसों की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये परीक्षण विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में ही संपन्न किया जाना चाहिये.